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Karwa Chauth 2023: करवा चौथ पर न दिख पाए चांद, तो इस विधि से करें व्रत का पारण

इंदौर। आज देशभर में करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। हिंदू महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस व्रत को निर्जला रखने का नियम है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही यह व्रत खोला जाता है। व्रत को विधि-विधान से नियमों के साथ ही करना चाहिए। वहीं, व्रत का पारण भी विधिपूर्वक ही होना चाहिए। आज हम आपको करवा चौथ व्रत पारण की संपूर्ण विधि बताने जा रहे हैं।

करवा चौथ पारण विधि

करवा चौथ के दिन महिलाएं चांद का इंतजार करती हैं, क्योंकि करवा चौथ के इस कठिन व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के ही होता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रोदय के बाद चंद्र देव की पूजा करके उन्हें अर्घ्य देकर, अपने पतियों के हाथों से पानी पीती हैं। ऐसे व्रत का पारण किया जाता है।

न दिखे चांद, तो करें ये काम

कभी-कभी कुछ जगहों पर बारिश, कोहरे या अन्य कारणों से चंद्रमा दिखाई नहीं देता है। ऐसे में आप इस विधि से जल्दी करवा चौथ व्रत तोड़ सकती हैं। ऐसा करने के लिए यदि चंद्रमा दिखाई न दे, तो आप जिस दिशा में चंद्रमा उगता है, उस दिशा में मुंह करके, उनका ध्यान करके व्रत खोल सकते हैं।

ऐसे करें चंद्रमा के दर्शन

भगवान शिव, चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण करते हैं। ऐसे में अगर चंद्रमा ना दिखे, तो भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रदेव के दर्शन कर व्रत खोल सकते हैं। आप मंदिर जाकर महादेव ने जो चंद्रमा धारण कर रखा है, उसके दर्शन करके भी करवा चौथ का व्रत खोल सकते हैं।

व्रत पारण का नया तरीका

आजकल आप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके करवा चौथ व्रत का पारण कर सकती हैं। ऐसा करने के लिए आप अपने किसी परिचित को वीडियो कॉल करके, जहां चंद्रमा निकल चुका है, वहां चंद्र देव को अर्घ्य देकर भी व्रत खोल सकती हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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