Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

MP Election 2023: इंदौर के विधानसभा क्षेत्र-5 में नहीं गिने जाएंगे एक बूथ के वोट, हार-जीत का अंतर कम रहा तो खुलेगी वीवीपैट

इंदौर। विधानसभा क्षेत्र-5 के एक बूथ के वोट गिनती में शामिल नहीं होंगे। बूथ नंबर 121 के वोटों की गिनती उसी स्थिति में होगी जब लगेगा कि ये वोट परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। खजराना क्षेत्र के इस बूथ पर मतगणना के दौरान पीठासीन अधिकारी की गलती से यह स्थिति बनी है। खास बात है कि मतगणना के दौरान कहीं भी यदि मशीनों का डिस्प्ले खराब हुआ या तकनीकी दिक्कतें आई तो उन मशीनों को भी मतगणना से इसी प्रक्रिया के तहत दूर रखा जाएगा।

विधानसभा क्षेत्र-5 के बूथ में मतदान शुरू होने से पहले कराए गए माक पोल की प्रक्रिया में हुई लापरवाही इसकी वजह बनी है। नियमानुसार माक पोल के वोट डलने के बाद उन्हें मतदान शुरू होने से पहले डिलीट किया जाता है। इस बूथ में पीठासीन अधिकारी ने माक पोल में 51 वोट तो डलवाए, लेकिन उन्हें डिलीट करना भूल गया। बूथ में कुल 817 वोट डाले गए थे। ईवीएम सील होने के बाद अब यह गड़बड़ी पता चली है। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति ली।

कांग्रेस ने दिया था लिखित आवेदन

कांग्रेस की आपत्ति के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन आयोग के तय निर्देश को आधार बनाते हुए मशीनों को प्रारंभिक दौर की मतगणना से दूर रखने के आदेश दिए हैं। क्षेत्र-5 के कांग्रेस के चुनाव संचालक अमन बजाज के अनुसार इस बारे में हमने लिखित आवेदन जिला निर्वाचन अधिकारी को दिया था। उन्होंने प्रक्रिया तय की है। जरूरी हुआ तो अंत में मशीनों के बजाय बूथ की वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी, क्योंकि माक पोल में वीवीपैट की पर्चियां नहीं पड़ती है।

निर्वाचन के नियम तय है

जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर डा. इलैया राजा टी ने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश और तय प्रक्रिया है। माक पोल के वोट मशीन से नहीं हटाने की स्थिति में उन मशीनों को अलग रखा जाएगा। उस क्षेत्र में अंतिम गणना की स्थिति में यदि हार-जीत का अंतर ज्यादा होता है और बूथ के वोट से परिणाम प्रभावित नहीं होता है तो उन मशीनों की गिनती नहीं होगी। लेकिन यदि मुकाबला नजदीकी रहा तो फिर वीवीपैट के वोट गिने जाएंगे। यह प्रक्रिया मशीनों में डिस्प्ले की परेशानी आने व तकनीकी दिक्कत होने की स्थिति में भी लागू होगी। ऐसी मशीनों को शुरुआती चरण में आरओ के पास सुरक्षित रखा जाएगा। अंतर कम होने पर उनकी वीवीपैट की गिनती होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.