Breaking News in Hindi

घुटनों और कोहनी की स्किन का कलर ज्यादा डार्क क्यों होता है, जानें वजह

त्वचा की रंगत डार्क रहेगी या लाइट यह शरीर में मेलेनिन के उत्पादन पर निर्भर करता है. मेलेनिन वो तत्व होता है जिसके शरीर में प्रोडक्शन ज्यादा होने से त्वचा की रंगत काली होती है, जबकि कम उत्पादन होने पर त्वचा का रंग साफ रहता है, लेकिन मेलेनिन दो तरह का होता है, यूमेलानिन और फियोमेलानिन. मेलेनिन के इन दोनों प्रकारों का बढ़ना और कम होना आपकी त्वचा की टोन को प्रभावित करता है. फिलहाल साफ रंगत वालों में भी देखने में आता है कि कोहनी और घुटनों की त्वचा बाकी अंगों के मुकाबले थोड़ी डार्क होती है, क्या आपको पता है कि ऐसा क्यों होता है.

घुटने, कोहनी, उंगलियों के जोड़ों के बीच की त्वचा थोड़ी डार्क रंग की होने के पीछे कई वजह होती हैं. लोग घुटनों और कोहनी की त्वचा की रंगत निखारने के लिए कई रेमेडी अपनाते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी ये इवन टोन दिखाई नहीं देती हैं, तो चलिए जान लेते हैं कि ऐसा क्यों होता है.

कोहनी और घुटनों की त्वचा क्यों होती है काली?

शरीर में जॉइंट्स के पॉइंट जैसे घुटनों और कोहनी की त्वचा की रंगत डार्क होने के पीछे की पहली वजह होती है कि शरीर के बाकी हिस्से के मुकाबले इन जगहों की त्वचा में ऑयल ग्लैंड्स (तेल ग्रंथियां) काफी कम होती है. जब कोहनी या घुटने मूवमेंट करते हैं तो त्वचा पर खिंचाव भी पड़ता है और स्किन ढीली पड़कर इकट्ठा हो जाती है. इसलिए कोहनी और घुटनों की त्वचा ड्राई होने के साथ ही डार्क नजर आती है. घुटने, कोहनी या उंगलियों के जोड़ों की त्वचा ज्यादा डार्क होने की पीछे की वजह यह भी होती है कि इन जगहों की त्वचा थोड़ी मोटी होती है.

ये भी होती हैं वजह

जोड़ों यानी कोहनी और घुटनों की त्वचा पर चोट, रगड़ ज्यादा लगती है और ज्यादातर लोग इन जगहों की त्वचा की देखभाल पर चेहरे के मुकाबले काफी कम ध्यान देते हैं, जिसकी वजह से पिगमेंटेशन हो जाता है और त्वचा की रंगत ज्यादा गहरी नजर आने लगती है. स्किन संबंधित समस्याएं जैसे सोराइसिस, एक्जिमा आदि भी त्वचा की गहरी रंगत का कारण बनती हैं.

ये घरेलू उपाय आते हैं काम

आपके घुटनों और कोहनी की त्वचा अगर अपेक्षाकृत ज्यादा डार्क है तो इसके पीछे डेड स्किन का जमा होना, हाइपर पिगमेंटेशन, टैनिंग आदि हो सकता है. इन दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए शहद, नींबू का रस और नमक मिलाकर कोहनी और घुटनों की त्वचा पर कम से कम दस मिनट लगाकर रखें और फिर इसे पानी से धो लें. इसके अलावा एक से दो चम्मच कच्चे दूध में हल्दी पाउडर मिलाकर लगाएं. इन रेमेडीज के नियमित रूप से दोहराने से स्किन टोन हल्की होगी. इस बात का भी ध्यान रखें कि कोहनी और घुटनों की त्वचा को मॉइस्चराइज करते रहें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
UP में दोपह‍िया वाहनों के ल‍िए न‍ियमों में बड़ा बदलाव, 3 महीने के लिए लाइसेंस भी हो सकता है सस्‍पेंड... लालू ने कह दी दिल की बात, अब क्या करेंगे तेजस्वी, तेज प्रताप की घर वापसी फाइनल? UP राजधानी लखनऊ के शहीद पथ पर ट्रैफिक रोके बिना ग्रीन कॉरिडोर बनेगा, किसान पथ तक होना है निर्माण। बांदा परिवहन विभाग में फिटनेस का खेल! पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डब्ल्यूओएस ने किया शक्ति उत्सव आयोज। विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट लाईव। भारतीय नौसेना का जहाज कुठार श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान प्राण, केंद्रीय कृषि मंत्री। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया,पीय...