Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
UP में दोपह‍िया वाहनों के ल‍िए न‍ियमों में बड़ा बदलाव, 3 महीने के लिए लाइसेंस भी हो सकता है सस्‍पेंड... लालू ने कह दी दिल की बात, अब क्या करेंगे तेजस्वी, तेज प्रताप की घर वापसी फाइनल? UP राजधानी लखनऊ के शहीद पथ पर ट्रैफिक रोके बिना ग्रीन कॉरिडोर बनेगा, किसान पथ तक होना है निर्माण। बांदा परिवहन विभाग में फिटनेस का खेल! पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डब्ल्यूओएस ने किया शक्ति उत्सव आयोज। विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट लाईव। भारतीय नौसेना का जहाज कुठार श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान प्राण, केंद्रीय कृषि मंत्री। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया,पीय...

चाचा की अंत्येष्टि में शामिल होने जा एसएएफ जवान की कार को बस ने टक्कर मारी दंपती की मौत

भिंड। ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे 719 मेहगांव थाना अंतर्गत बरहद गांव के पास बस ने सामने से आ रही कार को टक्कर मार दी। हादसे में ग्वालियर एसएएफ 14वीं वाहिनी में पदस्थ हवलदार और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बेटे का हाथ फ्रैक्चर हो गया। हवलदार चाचा के निधन पर उप्र के चकरनगर में अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए जा रहे थे। घटना रविवार सुबह करीब छह बजे की है।

जानकारी के अनुसार 50 अनुरुद्धसिंह यादव पुत्र दयाराम यादव निवासी चकरनगर हाल 14वीं बटालियन ग्वालियर में हवलदार के पद पर पदस्थ थे। शनिवार-रविवार की रात अनुरुद्ध सिंह के चाचा श्रीकृष्ण का चकरनगर में निधन हो गया था। रविवार सुबह करीब पांच बजे हवलदार कार क्रमांक यूपी 15 बीएफ 9776 से पत्नी 45 वर्षीय मीरा यादव, 20 वर्षीय बेटा अभिषेक यादव और 18 वर्षीय बेटी प्रीती यादव के साथ चरकनगर जा रहे थे। मेहगांव-बरहद के पास भिंड से ग्वालियर जा रही आदिशक्ति ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 30 पी 8899 ने कार को सामने से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार के आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे कार चला रहे हवलदार अनुरुद्ध सिंह और आगे की सीट पर बैठी उनकी पत्नी मीरा यादव की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पीछे की सीट पर बैठे बेटे अभिषेक यादव का हाथ फ्रैक्चर हाे गया है।

1992 में भर्ती हुए थे 14वीं बटालियन में

बताया जाता है, कि यूपी के चकरनगर निवासी अनुरुद्धसिंह यादव वर्ष 1992 में 14वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। नौकरी के दौरान वह परिवार सहित ग्वालियर में ही निवास कर रहे थे। इधर हादसे की सूचना मिलते ही चकरनगर से स्वजन और रिश्तेदार जिला अस्पताल आ गए थे। रिश्तेदारों का कहना है, कि परिवार पर तीन गुना आघात पहुंचा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.