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डिलीट प्रश्नों के नंबर अब नहीं काटेगा मप्र लोकसेवा आयोग, विवाद से बचने के लिए लिया निर्णय

इंदौर। मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) अब विवादित प्रश्नों को डिलीट करने पर उनके अंक कम नहीं करेगा। बल्कि विलोपित किए गए प्रश्नों के पूरे अंक सभी परीक्षार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। मप्र लोकसेवा आयोग ने सोमवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया। लगातारी जारी विवादों से बचने के लिए आयोग ने यह निर्णय लिया है।

आयोग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। नई नीति के तहत आयोग ने घोषणा की है कि अब जो प्रश्न डिलीट होगा उसका अंक सभी अभ्यर्थियों को दिया जाएगा और पूर्णांक में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। दरअसल, आयोगक को बीते दौर के विवादों को देखते हुए नियम में यह परिवर्तन करना पड़ा।

अभ्यर्थियों ने ली थी कोर्ट की शरण

आयोग ने राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा-2022 में भारत छोड़ो आंदोलन पर प्रश्न पूछा था। इसकी तारीखों पर विवाद हुआ था। आयोग ने प्रश्न डिलीट कर दिया। इसके अंक भी हटा दिए गए। इसके बाद तमाम अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। अभ्यर्थियों ने सही जवाब होते हुए भी प्रश्न डिलीट करने और अंक काटने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि अंक कटने से वे प्रतियोगिता से बाहर हो रहे हैं।

प्रतिस्पर्धा में फर्क नहीं

आयोग के ताजा निर्णय से डिलीट प्रश्नों के मामले में रिजल्ट पर फर्क नहीं पड़ेगा। पहले डिलीट प्रश्न के अंक भी हट जाते थे और पूर्णांक में उनके अंक कम हो जाते थे। अब प्रश्न डिलीट होंगे तो अंक सभी को मिलेंगे। नतीजा होगा कि प्रतिस्पर्धा का स्तर तो वही रहेगा, क्योंकि सभी को उसके अंक का लाभ मिलेगा। बस आयोग खुश है कि कोई अभ्यर्थी यह दावा कर याचिका नहीं लगा सकेगा कि उसके अंक कटने से वह बाहर हो गया।

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