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धार विधायक के करीबी चार पार्षद पीआइसी से बाहर

धार। धार नगर पालिका में बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष नेहा महेश बोड़ाने ने पीआइसी के सभापतियों में संशोधन कर दिया है। चार सदस्यों को सभापति के पद से मुक्त करते हुए उनके स्थान पर नए सदस्यों को नियुक्त कर दिया है। वहीं तीन पुराने सदस्यों को यथावत रखा है। अचानक हुए इस परिवर्तन का कारण विधानसभा चुनाव में भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ व पक्ष में काम करने वाले पार्षदों से जोड़कर देखा जा रहा है।

विधायक नीना वर्मा के चुनाव में भाजपा के लिए काम करने वाले पार्षद अजीत जैन, टीना राठौर, आशा पटेल, नेहा प्रजापति को पीआइसी से बाहर निकाल दिया गया है। वहीं पार्टी के खिलाफ कार्य करने पर निष्कासित पूजा अग्रवाल व छगन परमार को सभापति बनाया गया है।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद भाजपा द्वारा नपा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पार्षदों के निष्कासन की कार्रवाई की गई थी। वहीं अब नगर पालिका अध्यक्ष ने भी नगर पालिका अधिनियम की शक्तियों का उपयोग करते हुए चार पीआइसी सदस्यों को पद से कार्यमुक्त कर दिया है।

दरअसल विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा में खींचतान देखने को मिली थी। यहां नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पार्षदों ने निर्दलीय का समर्थन किया था। चुनाव परिणाम आने के बाद विधायक नीना वर्मा की आभार रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा द्वारा सभा में नपा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पार्षदों को निष्कासित करने की बात कही गई थी।

भाजपा ने सात दिसंबर को कर दिया था निष्कासित

सात दिसंबर को भाजपा ने नपा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पांच पार्षदों को निष्कासित कर दिया था। वहीं 13 दिन बाद नपा अध्यक्ष ने क्रिया की प्रतिक्रिया देते हुए चार पीआइसी सदस्यों को कार्य मुक्त कर दिया है।

इन तीनों को यथावत रखा

वहीं लोक निर्माण, उद्यान, विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा पर अनीता डा. रमाकांत मुकुट, स्वास्थ्य एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर रवि मेहता व यातायात, परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग पर लक्ष्मीनारायण पटेल (लक्ष्मण) को यथावत रखा है।

विधायक के नजदीकी पार्षदों को दिखाया बाहर का रास्ता

भाजपा की इस बार की नगर परिषद में खींचतान कम नहीं हो रही है। यहां क्रिया की प्रतिक्रिया हो रही। सात दिसंबर को भाजपा ने नपा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पार्षद रवि मेहता, लक्ष्मण पटेल, पूजा जितेंद्र अग्रवाल, छगन परमार, अनिता सिसौदिया को निष्कासित किया था।

वहीं 13 दिन बाद नपा अध्यक्ष ने भी चार पार्षदों को पीआइसी से मुक्त किया है। इन चार पार्षदों ने विधानसभा चुनाव में विधायक नीना वर्मा के समर्थन में काम किया था। वहीं भाजपा ने जिन पार्षदों को छह वर्ष के लिए निष्कासित किया, इसमें नपा अध्यक्ष ने पूजा जितेंद्र अग्रवाल, छगन परमार को पीआइसी में शामिल किया है।

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