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नागरिकता लेने के लिए धर्मगुरु का सर्टिफिकेट जरूरी क्यों? जानें क्या है पात्रता प्रमाण पत्र

नागरिक संशोधन कानून (CAA) लागू करने के बाद इसके नियम भी जारी किए जा चुके हैं. अब 31 दिसम्बर 2014 से पहले भारत आने वाले अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता मिल सकेगी. नागरिकता पाने के लिए कुछ दस्तावेज भी दिखाने होंगे, जिनके आधार पर मुहर लगेगी. इस प्रक्रिया के लिए जो सबसे अनिवार्य दस्तावेज हैं उनमें से एक है पात्रता सर्टिफिकेट.

गृह मंत्रालय के हेल्पलाइन नम्बर पर इसकी जानकादी दी गई. 11 मार्च को सीएए की अधिसूचना जारी करते समय नागरिकता पाने के लिए पात्रता सर्टिफिकेट जारी करने वाले अधिकारी के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी. अब हेल्पलाइन के जरिए इसके बारे में बताया गया है. इसके साथ यह भी साझा किया गया है कि इसे कौन-कौन जारी कर सकता है. जानिए क्या है पात्रता सर्टिफिकेट, यह क्यों जरूरी है और इसे कौन जारी कर सकेगा.

क्या है पात्रता सर्टिफिकेट, कौन जारी करेगा?

पात्रता सर्टिफिकेट ऐसा दस्तावेज है जो आवेदक के धर्म पर मुहर लगाएगा. दस्तावेज से साबित होगा कि आवेदक का धर्म क्या है. चूंकि सीएए के तहत नागरिकता गैर-मुस्लिमों को दी जानी है, ऐसे में यह सर्टिफिकेट काफी अहम है.यह आवेदन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेजों में सबसे अहम होगा. खास बात है कि इसे मंदिर का पुजारी भी जारी कर सकेगा. हालांकि, इसके लिए भी शर्त जोड़ी गई है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पात्रता सर्टिफिकेट पुजारी, धर्म गुरु, धार्मिक संस्थाएं जारी कर सकेंगी, लेकिन शर्त है कि उस क्षेत्र में उनकी पहचान होनी चाहिए. इसके लिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिन्दू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी आवेदन कर सकेंगे. अगर ये 31 दिसम्बर 2014 तक भारत आ चुके हैं तो आवेदन करने के लिए योग्य हैं.

CAA के तहत नागरिकता पाने का प्रॉसेस ऑनलाइन है. केवल डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन ऑफलाइन होगा. वेरिफिकेशन के लिए आवेदक को कमेटी के सामने पेश होना होगा. वेरिफिकेशन के बाद नागरिकता पाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.

ये दस्तावेज करने होंगे सब्मिट

नागरिकता के लिए आवेदन के दौरान पात्रता सर्टिफिकेट के अलावा कुछ अन्य दस्तावेज भी अनिवार्य होंगे. इसमें इमिग्रेशन टिकट वीजा की कॉपी, भारत में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRO) की तरफ से जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या आवासीय परमिट, भारत का ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या कोई अन्य प्रमाण पत्र, सरकार या कोर्ट की तरफ से जारी किया गया कोई दस्तावेज, अगर भारत में जन्म हुआ है तो उसका बर्थ सर्टिफिकेट या किरायदारी का रिकॉर्ड या फिर किरायानामा दिखाना होगा.

इसके अलावा प्राइवेट या सरकारी बैंक की तरफ से जारी बैंक अकाउंट के डॉक्यूमेंट, पोस्ट ऑफिस से जुड़े दस्तावेज, बीमा पॉलिसी के डॉक्यूमेंट भी दिखा सकते हैं. या फिर बिजनी कनेक्शन का बिल, भारतीय स्कूल या कॉलेज से जारी शैक्षणिक सर्टिफिकेट भी लगाया जा सकता है.

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