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बेटी की गुमशुदगी से दुखी होकर पिता ने लगाई फांसी, परिजनों ने 7 घंटे तक फंदे से नहीं उतारने दिया शव, चौकी प्रभारी निलंबित…

रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक व्यक्ति ने बेटी के लापता होने के बाद दुखी होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आपको बता दें कि इस घटना के बाद परिजनों ने मृतक के शव को काफी देर तक फंदे से उतारने नहीं दिया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने परिजनों को समझाया उसके बाद ही पेड़ से शव को नीचे उतारा गया। घटना कालूखेड़ा थाना की मावता पुलिस चौकी के रानीगांव की है।

अनुसार रामगोपाल ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि 6 मार्च को रामगोपाल की बेटी लापता हो गई थी और उसने थाने पहुंचकर इस पूरे
प्राप्त जानकारी के  मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। रामगोपाल की नाबालिग बेटी लापता होने के बाद से ही वह काफी दुखी था परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने संदिग्ध की तलाश नहीं की जिसके बाद रामगोपाल ने यह कदम उठाया है।

परिजनों का कहना है था कि रामगोपाल की बेटी और उसको ले जाने वाले लोगों को ढूंढ कर लेकर आओ तभी शव को हम नीचे उतारेंगे इसके बाद परिजनों को समझाया गया तब फंदे से शव उतारा गया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जावरा अस्पताल भेज दिया है। एसपी राहुल कुमार ने बताया है कि सारे तथ्यों की जांच की जा रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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