Breaking News in Hindi

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्ष ने कहा- मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दें व्यावसायिक शिक्षा

भोपाल। मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परंपरागत शिक्षा के साथ अंग्रेजी भाषा की शिक्षा देने की भी व्यवस्था हो। यह बात राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्ष सैयद शहजादी ने कही। वे बुधवार को मंत्रालय में अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं की समीक्षा कर रही थीं।

शहजादी ने कहा कि मध्य प्रदेश में 1755 मदरसे संचालित हैं। इनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निश्शुल्क पाठ्यपुस्तकें, मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों, मुख्यमंत्री निकाह योजना, अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों की भी समीक्षा की।

राशि का समय पर हो पूरा उपयोग

शहजादी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित योजनाओं के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल किया जाए। केंद्र से प्राप्त होने वाली राशि का समय पर पूरा उपयोग हो। केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसे ध्यान में रखकर इन वर्गों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए केंद्र सरकार की मदद से राज्यों में योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कन्या छात्रावास बनकर तैयार हो

अधिकारियों ने बताया कि भोपाल के सरकारी यूनानी कालेज में 180 क्षमता का कन्या छात्रावास बनकर तैयार हो गया है। खंडवा के पालीटेक्निक कालेज में स्मार्ट क्लास-रूम तैयार हैं। भोपाल में रैनबसेरा भवन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बैठक में सचिव पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण स्वतंत्र कुमार सिंह, आयुक्त पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण गोपाल चन्द्र डाड भी मौजूद थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास