Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

हिंदुओं को भाषा, जाति और क्षेत्रीय को छोड़कर एकजुट होना होगा… RSS प्रमुख मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने राजस्थान में ‘स्वयंसेवक एकत्रीकरण ‘ कार्यक्रम को संबोधित किया. आरएसएस प्रमुख ने कहा, भारत एक हिंदू राष्ट्र है. हिंदू समाज को भाषा, जाति और क्षेत्रीय विवादों को खत्म करके अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा, हिंदू हर किसी को अपना मानते हैं और सभी को गले लगाते हैं.

आरएसएस प्रमुख ने 3 हजार 827 स्वयंसेवकों को संबोधित किया. इस कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी रमेश अग्रवाल, जगदीश सिंह राणा, रमेश चंद मेहता और वैद्य राधेश्याम गर्ग सहित कई लोग शामिल हुए.

“हिंदुओं को एकजुट होना चाहिए”

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं की एकजुटता की बात की. उन्होंने कहा, हिंदू समाज को भाषा, जाति और क्षेत्रीय असमानताओं को खत्म करके अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा. आरएसएस प्रमुख ने बताया कि समाज को कैसा होना चाहिए. उन्होंने कहा, ऐसे समाज का निर्माण होना चाहिए जहां संगठन, सद्भावना और श्रद्धा हो. लोगों में अनुशासन हो, साथ ही देश के प्रति अपने दायित्व को समझे और उद्देश्यों के प्रति समर्पित हो.

मोहन भागवत ने बताया कैसे बनता है समाज

मोहन भागवत ने कहा, एक समाज केवल व्यक्तियों और उनके परिवारों से नहीं बनता है, बल्कि उन व्यापक चिंताओं पर विचार करने से बनता है. आरएसएस का काम करने का तरीका विचार आधारित है. मोहन भागत ने स्वयंसेवकों से समुदायों के अंदर संपर्क बनाए रखने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, समाज को सशक्त बनाकर समुदाय की कमियों को दूर करने की कोशिश की जानी चाहिए.

क्या हैं समाज के लिए बुनियादी चीजें?

मोहन भागवत ने कहा हमारा ध्यान न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा, और आत्मनिर्भरता पर होना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा, स्वयंसेवकों को हमेशा सक्रिय रहना चाहिए और परिवारों में सद्भाव, पर्यावरण जागरूकता, स्वदेशी मूल्यों और नागरिकों की चेतना को बढ़ावा देना चाहिए, जो एक समाज के लिए बुनियादी चीजे हैं.

आरएसएस प्रमुख ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा पर बात करते हुए कहा, भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा उसकी ताकत पर निर्भर है. साथ ही भारत के विदेश में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा तभी सुनिश्चित होती है जब उनका राष्ट्र मजबूत होता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.