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काशी में अंतिम यात्रा का मार्ग बदला, अब गोदौलिया रूट पर नहीं गूंजेगा ‘राम नाम सत्य है’

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के काशी में शव यात्रा के रूट को बदल दिया गया है. काशी में शव यात्रा के दौरान लोगों को अब गोदौलिया मार्ग से नहीं बल्कि भदऊ चुंगी होते हुए मणिकर्णिका घाट जाना पड़ेगा. इसके लिए यहां तीन निशुल्क बोट भी लगाईं गईं हैं. साथ ही पुलिस की टीम की ओर से आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. इन निर्देशों में कहा गया है कि शव यात्रा ले जा रहे लोगों को संयम और सद्भाव के साथ रूट की जानकारी दी जाए.

वाराणसी में मैदागिन -काशी विश्वनाथ मंदिर इलाके में ट्रैफिक की वजह से लोगों को आए दिन जाम का सामना करना पड़ता है. इसीलिए इस इलाके में ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने के लिए यह व्यवस्था की गई है. इसके मुताबिक, जो शव वाहन पहले मैदागिन से गोदौलिया मार्ग होते हुए मणिकर्णिका घाट पहुंचते थे. अब वे शव वाहन भदऊ चुंगी होते हुए पहले महिषासुर घाट पर पहुंचेंगे. इसके बाद मणिकर्णिका घाट पहुंचेगे. महिषासुर घाट पर शव यात्रा में आए लोगों के लिए तीन एनडीआरएफ बोट भी लगाईं गईं हैं.

ये बोटें निशुल्क होंगी. महिषासुर घाट से इन बोट में बैठाकर शव के साथ आए लोगों को पानी के रास्ते मणिकर्णिका घाट पर पहुंचाया जायेगा. ताकि लोग शव यात्रा को संम्पन्न कर पांए. इस मामले में एडीशनल सीपी ने जानकारी देते हुए बताया कि शव लेकर आने वाले लोगों को सहानुभूतिपूर्वक समझा कर उन्हें इस रास्ते की ओर डायवर्ट किया जाएगा. पुलिस की ओर से इसके लिए सम्बन्धित पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और सभी सम्भावित जगहों पर ड्यूटी के दौरान शव वाहनों को डायवर्ट करेंगे. यह क्रम रोजाना सुगमतापूर्वक चलाया जायेगा.

होंगी ये व्यवस्था

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस व्यवस्था के लिए जल्द ही साइनेज आदि नगर निगम की ओर से लगाये जायेंगे. साथ ही शव लेकर आने वालों के कुछ देर के आराम के लिए महिषासुर घाट पर एक बड़ा शेड भी लगावाया जाएगा. इसके अलावा यहां पीने का पानी आदि की भी व्यवस्था की जाएगी.

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