Breaking News in Hindi

अलगाव की दहलीज पर पहुंचे दंपती में हुई सुलह, लोक अदालत में फिर बसे 52 घर

इंदौर । शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान 52 दंपती फिर एक हुए। ये वे दंपती हैं, जो वर्षों से अलगाव के चलते अलग रह रहे थे और नौबत तलाक की अर्जी तक पहुंच गई थी। इनमें से एक दंपती तो ऐसे थे जिन्हें अलग रहते 18 वर्ष बीत चुके थे। कुटुंब न्यायालय में पांच खण्डपीठों की लोक अदालत के दौरान कुल 512 प्रकरणों में सुनवाई हुई। इनमें से 192 राजीनामे द्वारा निराकृत हुए। इनमें से 52 प्रकरण में पति-पत्नी फिर से साथ रहने को राजी हुए। इसमें अदालत द्वारा दी गई समझाइश का अहम रोल रहा।

समझाइश के बाद पति आचरण सुधारने को हुआ तैयार

राजमोहल्ला निवासी अमृता (36) का विवाह राजगढ़ के विजय कुमार से 2005 में हुआ था। दोनों का एक पुत्र है, जिसकी आयु 15 वर्ष हो चुकी है। पति-पत्नी इंदौर आकर रह रहे थे। बाद में पति को जुए-शराब की लत लगी। समझाइश के बाद भी नहीं माना तो पत्नी मायके जाकर रहने लगी। 2022 में भरण-पोषण का दावा कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट की समझाइश के बाद पति अपना आचरण सुधारने को तैयार हुआ और पति-पत्नी फिर एक हो गए।

बच्चों के भविष्य के लिए फिर साथ रहने को हुए तैयार

भागीरथपुरा की जागृति का विवाह अभिनंदन नगर के दिनेश कुमार से 2011 में हुआ था। दोनों की तीन संतानें हैं। विवाह के बाद पति द्वारा की जा रही मारपीट और शक से पत्नी परेशान हो गई। दोनों ने तलाक का प्रकरण कोर्ट में दायर कर दिया। कोर्ट ने बच्चों के भविष्य के लिए फिर से साथ रहने और सामंजस्य से जीवन चलाने की समझाइश दी। आखिरकार पति-पत्नी मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने को राजी हो गए। ऐसे ही कुछ दंपती पारिवारिक क्लेश, अन्य लोगों के हस्तक्षेप से परेशान होकर अलग रहने गए थे। वे भी लोक अदालत में सुलह कर एक हो गए। अदालत में ही इन दंपती ने एक-दूसरे को माला पहनाई और साथ रहने का वादा किया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन