Breaking News in Hindi

इंदौर में जातिगत टिप्पणी करने वाली विजयवर्गीय समर्थक महिला ने मांगी माफी

इंदौर। बलाई समाज के कार्यक्रम में वैश्य, ब्राह्मण और ठाकुरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली कैलाश विजयवर्गीय समर्थक लता मालवीय ने माफी मांगी है। शनिवार को माफी मांगते हुए महिला का वीडिया सामने आया। इसमें वे कह रही हैं कि मेरे शब्दों से अगर वैश्य, ब्राह्मण और ठाकुर समाज को ठेस पहुंची हो तो मैं उसके लिए माफी मांगती हूं।

यह कहा था महिला ने

दो दिन पहले बलाई समाज के कार्यक्रम में लता मालवीय ने कहा था कि मेरे घर तो बनिया, ब्राह्मण, ठाकुर भी बर्तन मांजते हैं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमें यह सोचना है कि यहां से कैलाशजी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। हमारे लिए तो मनोज परमार ही कैलाश विजयवर्गीय हैं। यह बयान इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। कांग्रेस इसे भाजपा के खिलाफ प्रचार में इस्तेमाल कर रही थी।

करणी सेना ने जताई थी आपत्ति

इस बयान के बाद करणी सेना ने भी विरोध प्रदर्शन की धमकी दी थी। राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि ये शब्द अगर किसी पुरुष ने कहे होते तो हम बताते कि ठाकुर किस हद तक धोते हैं। उन्होंने महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की थी।

विजयवर्गीय ने परमार को बताया था महामंडलेश्वर

बलाई समाज के इसी कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मनोज परमार को महामंडलेश्वर बता दिया था। उन्होंने कहा था कि वह ब्राह्मणों से ज्यादा श्लोक जानता है। इसे भी कांग्रेस इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल कर रही है।

कार्रवाई के लिए थाने पर देंगे आवेदन

सवर्ण समाज श्री परशुराम सेना, करणी सेना एवं वैश्य समाज के समाजजन 21अक्टूबर शाम 5 बजे मल्हारगंज थाने पर जाकर लता मालवीय के खिलाफ विवादित बयान देने पर कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन देंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले...