Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

इंदौर में हर तरफ पानी-पानी लेकिन फिर भी रहेगी पानी की समस्या

इंदौर। इंदौर में पिछले दो दिनों से आसमान से पानी बरस रहा है और हर ओर पानी है, लेकिन इसके बावजूद शहरवासियों को पानी की समस्या से जूझना पड़ेगा। इंदौर में टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भरा सकेंगी। नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से थर्ड फेज के 180 एमएलडी पंप बंद हो गए हैं।

नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा हैं। इसके चलते थर्ड फेज के पंपों को ऐहतियात के तौर पर बंद किया गया है, क्योंकि पूरा इलेक्ट्रिक सिस्टम डूब क्षेत्र में आ गया है। इस समय नर्मदा का जलस्तर 155 फीट पर पहुंच गया है। अब जल स्तर जैसे ही कम होगा, थर्ड फेज के पंपों को पूरी क्षमता से चालू किया जाएगा।

इस कारण शहर में भराने वाली पानी की टंकियों पर इसका असर दिखाई देगा। नर्मदा के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि पहले व दूसरे फेज में भी बिजली फाल्ट के चलते पंप बंद हो गए हैं। इन्हें चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर शहर की ज्यादातर टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भरी जा सकेंगी। फिलहाल कुछ दिन जनता को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं।

बिजली भी हुई प्रभावित

शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक अत्याधिक बारिश, मौसम बिगड़ने से इंदौर शहर वृत्त के 525 में से 11 केवी के 41 फीडरों से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। 14 जगह लाइनों पर पेड़, बड़ी शाखाएं गिरने की स्थिति निर्मित हुई। सात स्थानों पर तार, केबल टूटे। प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था एक घंटे से अधिकतम तीन घंटे में बहाल की गई। इस दौरान 350 कर्मचारी, अधिकारी कार्य पर लगे।

मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर हर घंटे का अपडेट लेते रहे। शहर के 30 जोन पर शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह 11.30 तक 1400 से ज़्यादा व्यक्तिगत शिकायतों फ्यूज ऑफ कॉल (एफओसी) का जोन की टीमों ने भी समाधान किया। सुभाष चौक जोन के तहत कबूतरखाना और नार्थ तोड़ा क्षेत्र में अत्यधिक जलजमाव होने पर सुरक्षा कारणों से तीन ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति बंद की गई है, स्थिति सामान्य होने पर आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.