Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

उज्जैन आने वालीं 10वीं राष्ट्रपति होंगी द्रौपदी मुर्मू, पढ़िए किस्सा जब डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तोड़ा था प्रोटोकॉल

उज्जैन। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 सितंबर को महाकाल के दर्शन-पूजन के लिए उज्जैन आएंगी। उनके साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी होंगे। सभी इस दिन इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में शामिल होंगे।

द्रौपदी मुर्मू उज्जैन आने वाली देश की 10वीं राष्ट्रपति हैं। उनके पहले रामनाथ कोविंद, प्रणब मुखर्जी, प्रतिभा पाटिल, केआर नारायणन, शंकर दयाल शर्मा, आर. वेंकटरमण, ज्ञानी जेल सिंह, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. राजेंद्र प्रसाद उज्जैन आ चुके हैं।

कालिदास समारोह भी राष्ट्रपतियों को करता है आकर्षित

  • ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में पूजन की अभिलाषा के साथ ही अखिल भारतीय कालिदास समारोह की ख्याति भी राष्ट्रपति को उज्जैन आने के लिए खींचती रही है।
  • अमूमन प्रोटोकॉल की वजह से राष्ट्रपति किसी के घर नहीं जाते, मगर सन् 1958 के कालिदास समारोह उद्घाटन में आए राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ऐसा किया था।
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्रोटोकॉल तोड़कर पद्मभूषण साहित्य वाचस्पति पंडित सूर्यनारायण व्यास से मिलने चले गए थे। उन्होंने उनके घर परिवार संग भोजन भी किया था।
  • प्रतिभा पाटिल सन् 2008 में अपने भाई रंजीत सिंह के घर उद्घाटन समारोह में आई थीं, तब उनके कार्यक्रम में पहले महाकालेश्वर मंदिर में पूजन कार्यक्रम नहीं जुड़ा था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.