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एमपी के जबलपुर में 24 घंटे में पांच इंच से ज्‍यादा बारिश, गौरी घाट का लगातार बढ़ रहा जलस्तर

जबलपुर। एमपी के जबलपुर में सावन ने आते ही शहर को तरबतर कर दिया। बीते 24 घंटे में करीब पांच इंच बारिश हो चुकी है। रात भर बादल उमड़-घुमड़ कर बरसते रहे। रविवार की रात से बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ मंगलवार की दोपहर तक जारी रहा। जबलपुर सहित संभाग के कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों में आगामी तीन-चार दिनों तक इसी तरह बारिश के आसार हैं।

लोगों के घरों में पानी भरने से गृहस्थी का सामान भीगा

रात में हुई जोरदार बारिश से शहर के धनवंतरी, नगर, निव निवेश कालोनी, गढ़ा, गंगासागर, मदनमहल, घमापुर, जगदंबा कालोनी सहित अनेक स्थानों पर जलभराव के हालात भी बने रहे। लोगों के घरों में पानी भरने से गृहस्थी का सामान भी गीला हो गया। मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी गतिविधियां लगातार सक्रिय है। आगामी तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश की संभावना है।

पानी, धूप, बादल उमस ने भी छुड़ाया पसीना

रात भर बारिश का दौर जारी रहने के बाद सोमवार की सुबह फिर बादलों के बीच सूरज झांकता रहा। हालांकि बीच-बीच में हल्की बूंदाबादी भी होती रही। बादल, बारिश और धूप के कारण उमस भरी गर्मी भी बरकरार रही। लोगो का पसीना छूटता रहा।

ठंडी हवा के झोंके लोगों उमस भरी गर्मी से राहत देते रहे

दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री बढ़ा रहा। अधिकतम तापमान 32.1 और न्यूनतम तापमान दो डिग्री कम होकर 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हालांकि हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी होने से शाम को मौसम मनभावन रहा। ठंडी हवा के झोंके लोगों उमस भरी गर्मी से राहत देते रहे। शाम गहराते ही एक बार फिर बादल गहराने लगे और बादलों की खेप शहर को भिगोने लगी।

अब तक 17 इंच हुई वर्षा

आषाढ़ में मानसून की बेरुखी से महज 11 इंच ही बारिश हुई पर सावन के पहले दिन जिस तरह से मानसून मेहरबान हुआ है उसे देखते हुए कहा जा रहा है कि सावन के महीने में अच्छी बरसात होगी। 24 घंटे के दौरान पांच इंच बारिश के बाद मानसून सीजन अब तक 17 इंच बारिश दर्ज की चुकी है। वहीं गत वर्ष आज के दिन तक 20 इंच बारिश हो चुकी थी।

मजबूती से सक्रिय हैं मौसम प्रणालियां

मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ पूर्वी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पर सक्रिय निम्न दाब के केंद्र से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। पूर्वी मध्यप्रदेश भी निम्न दाब का क्षेत्र बना हुआ है। इसी तरह अन्य मौसम प्रणालियां भी मजबूती के साथ सक्रिय हैं। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।

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