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गाजा से निकलने के लिए यह भारतीय महिला अपने परिवार सहित मिस्र सीमा पर कर रही इंतजार

यरुशलमः गाजा में रहने वाली एक भारतीय महिला ने परिवार सहित अपना घर छोड़ दिया है और हमास शासित क्षेत्र से निकलने के लिए मिस्र के साथ लगती दक्षिणी सीमा पर सुरक्षित मार्ग की प्रतीक्षा कर रही है। इजराइल ने शुक्रवार को लगभग 11 लाख फलस्तीनियों को उत्तरी गाजा को खाली करने और दक्षिणी हिस्से में जाने का आदेश दिया है।

जम्मू-कश्मीर की रहने वाली भारतीय महिला लुबना नजीर शाबू ने मीडिया को बताया, ‘‘ मैं अपने पति और बेटी के साथ सुबह घर से निकली और सीमा के पास गाजा के दक्षिणी हिस्से तक पहुंचने के लिए मुझे मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इजराइली बमबारी में सभी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और यहां तक कि परिवहन की भी समस्या है।”

हमास के उग्रवादियों द्वारा सात अक्टूबर की सुबह दक्षिणी इजराइल पर जल, नभ और जमीन से हमला करने के बाद इजराइल ने जवाबी कार्रवाई शुरू की है और 2007 से गाजा में शासन करने वाले हमास के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई का संकल्प लिया है। शाबू ने कहा,‘‘हम यहां रहेंगे और देखेंगे कि क्या हमें मिस्र जाने की अनुमति दी जा सकती है, जहां मेरे दो अन्य बच्चे पढ़ते हैं।”

गाजा से निकलने का एकमात्र रास्ता मिस्र के साथ लगता राफा क्रॉसिंग है जिसे सोमवार को बंद कर दिया गया। इसी के साथ गाजा के निवासियों के भागने की सभी संभावनाएं व्यावहारिक रूप से बंद हो गईं। शाबू ने इससे पहले मीडिया से कहा था, ‘‘बमबारी की आवाजें बहुत डरावनी होती हैं और पूरा घर हिल जाता है। यह बहुत ही डरावनी स्थिति है।” क्षेत्र में भारतीय राजनयिक मिशन भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं, और संबंधित अधिकारी उन्हें संघर्षग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए सुरक्षित मार्ग खोजने की कोशिश कर रहे हैं। गाजा में चार भारतीय नागरिकों के रहने की जानकारी है। रामल्ला में भारतीय प्रतिनिधि कार्यालय ने मीडिया को बताया, ‘‘ हम संपर्क में हैं और सभी भारतीयों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जमीनी हालात हमारे विकल्पों को बाधित कर रहे हैं।”

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