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गिरने के बाद कुछ देर चीखा मासूम… मुझे बाहर निकाल लो

आलीराजपुर। जिले के खंडाला में लापरवाही से एक मासूम की जान पर बन आई है। यहां पांच साल का एक बच्चा बोरिंग में गिरकर 20 फीट पर फंस गया है। लापरवाही की हद यह कि 250 गहरे बोर में पानी न आने पर उसे खेत में खुला छोड़ दिया गया। 20 फीट तक बोरिंग की चौड़ाई अधिक होने से बच्चा इतनी गहराई में जा फंसा है। बोरिंग में गिरने के बाद बच्चा कुछ देर तक चीखता रहा। उसने कहा कि मुझे गड्ढे से किसी तरह बाहर निकल लो। समाचार लिखे जाने तक बोरिंग के पास जेसीबी और पोकलेन की मदद से खोदाई की जा रही थी।

शहर से पांच किमी दूर खंडाला में बोरवेल में विजय पुत्र दिनेश (05) निवासी वास्कल फलिया खंडाला गिर गया। वह गांव के ही डावरिया फलिया में अपने मौसा सालमसिंह के यहां आया था। सालम के खेत में खेलने के दौरान बोरी से ढंके बोरवेल के गड्ढे में विजय जा गिरा।

प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच रेस्क्यू आपरेशन में जुटी है। बच्चा भीतर सांस ले सके इसलिए नली के जरिये उसे आक्सीजन दी जा रही थी। बोरवेल के दो छोर पर खोदाई का कार्य जारी था। मिट्टी का मलबा बोर के भीतर न गिरे इसलिए एक पाइप भी बोरिंग में डाला गया है।

मौके पर कलेक्टर डा. अभय अरविंद बेडेकर, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास सहित प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और होमगार्ड का अमला मौजूद है। जोबट विधायक सेना पटेल, भाजपा नेता इंदरसिंह चौहान भी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण भी मौके पर थी। हर कोई यह प्रार्थना कर रहा था कि किसी तरह बच्चा बाहर आ जाए।

स्वजन के आंसू नहीं थम रहे, पिता बोले- शुरू में बात कर रहा था विजय

घटना स्थल पर स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था। थोड़ी-थोड़ी देर में मां-बाप की निगाहें उस गड्ढे की ओर जा रही थीं, जिसमें मासूम फंसा था। पिता दिनेश ने बताया कि गिरने के बाद कुछ देर बाद तक विजय ने पुकार लगाई थी। वह कह रहा था कि कोई रस्सी डालकर मुझे बाहर निकाल लो। हालांकि बाद में उसकी आवाज आनी बंद हो गई।

कई घटनाओं के बाद भी सबक नहीं, ऐसे ही छोड़ दिया बोर

यह खेत बच्चे के मौसा सालम का है। कलेक्टर डा. बेडेकर ने मीडिया से चर्चा में बताया कि करीब 15 दिन पहले ही यहां बोरिंग खोदा गया था। पानी न निकलने पर लापरवाही बरतते हुए इसे खुला छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बोरिंग करीब 250 फीट गहरा है। हालांकि शुरुआत के 20 फीट में ही चौड़ाई करीब 10 इंच है।

इसके बाद बोरिंग का गड्ढा संकरा है। इसलिए बच्चा 20 फीट पर ही है। बता दें कि हाल ही में राजगढ़ जिले में बोर में गिरने से एक बच्चे की जान चली गई थी। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। बोरिंग का खुला छोड़ना किसी भी बच्चे के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

विद्युत आपूर्ति हुई बाधित, जेसीबी का डीजल हो गया खत्म

रेस्क्यू आपरेशन में प्रशासन ने तत्परता तो दिखाई मगर पहले बिजली और फिर डीजल के कारण इसमें बाधा भी आई। पहले 10 मिनट और बाद में करीब तीन मिनट के लिए बिजली चली गई। जेसीबी का डीजल खत्म होने पर काम रुक गया। करीब 15 मिनट बाद डीजल डालकर फिर से जेसीबी ने खोदाई का कार्य शुरू किया।

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