Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

नर्सरी टीचर्स के इस VIDEO पर क्यों मचा है हंगामा? आ रहे ऐसे कमेंट, लोग बोले- ‘रियल तमाशा’

बच्चों का फेवरेट ‘आहा टमाटर बड़ा मजेदर‘ सॉन्ग तो आपने सुना ही होगा. ये गाना वायरल सनसनी बन गया है, जिसे कई सोशल मीडिया यूजर्स अक्सर रील बनाने के लिए बैकग्राउंड ट्रैक के रूप में इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, इस गाने की लोकप्रियता ने तब आश्चर्यजनक मोड़ ले लिया, जब नर्सरी टीचर्स द्वारा ट्रेनिंग सेशन के दौरान इस गाने का अभ्यास करने का एक वीडियो वायरल हो गया. सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने व्यापक बहस छेड़ दी है. जहां कुछ लोगों ने इसे मनोरंजक पाया, वहीं कई लोगों ने शिक्षकों की आलोचना की कि वे प्रोफेशनल ट्रेनिंग सेशन के दौरान ऐसी शर्मनाक हरकत कर रहे हैं.

वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है कि नर्सरी टीचर्स का एक ग्रुप स्कूल की एक क्लास में ट्रेनिंग सेशन के लिए मौजूद है. इस दौरान उनसे बच्चों की लोकप्रिय हिन्दी कविता ‘आहा टमाटर बड़ा मजेदर’ गाकर सुनाने को कहा जाता है. जिसके बाद सभी महिला शिक्षक झूमते हुए कविता गाने लगती हैं.

इस वीडियो को डॉ. नितिन शाक्य नाम के एक इंस्टा यूजर ने शेयर किया है, जिनकी प्रोफाइल से पता चलता है कि वे ब्योरोक्रेट हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा है, ‘नर्सरी टीचर्स को बेहतरीन ट्रेनिंग मिल रही है.’ इसके साथ ही उन्होंने ताली बजाने वाली इमोजी भी लगाई है.

यहां देखें वीडियो, ‘आहा टमाटर बड़ा मजेदर’ सॉन्ग गाती टीचर्स का वीडियो

हालांकि, इस पोस्ट पर नकारात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई. लोगों ने ट्रेनिंग सेशन पर शिक्षा को महत्वहीन बनाने और इसे वास्तविक तमाशा बताने का आरोप लगाया. एक यूजर ने कमेंट किया, ‘मैं भी नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाता हूं. लेकिन इस तरह का बकवास न कभी किया और न होने दिया.’

वहीं, दूसरे यूजर का कहना है, ‘यह वाकई दुखद है. मुझे अब शिक्षकों पर दया आती है.’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘ये है असली तमाशा.’ एक और यूजर ने कमेंट किया, ‘पैसे के लिए क्या-क्या करना पड़ रहा है.’

हालांकि, कुछ लोगों ने शिक्षकों का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें भी कविताओं के लिए विशेष कक्षाएं लेनी पड़ती हैं. नर्सरी के बच्चों को पढ़ाना कोई बच्चों का खेल नहीं है. वीडियो ने इस पेशे में काम करने वालों के वेतन के बारे में भी चर्चा छेड़ दी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.