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नैक की निरीक्षक टीम के समक्ष भोज विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने बयां की हकीकत

भोपाल। मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में नैक टीम ने तीन दिन तक निरीक्षण किया। जहां पहले दिन टीम ने विवि के पांच साल के दस्तावेजों को देखा। वहीं दूसरे दिन टीम द्वारा इंदौर व उज्जैन के क्षेत्रीय निदेशक के कार्यालयों एवं अध्ययन केंद्रों का निरीक्षण किया गया। तीसरे दिन की शुरुआत मैं नैक टीम के सदस्यों ने भोज विश्वविद्यालय के कुलपति एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र की निदेशक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद टीम में शामिल सात शिक्षाविदों ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राओं एवं उनके माता-पिता के साथ परिचर्चा की। विद्यार्थियों ने बताया कि कई विषयों के शिक्षक हैं ही नहीं तो कक्षाएं नहीं लग पाती हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों ने समय से परीक्षाएं न कराने और अध्ययन सामग्री ना मिलने की भी शिकायत की है।

विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे नवाचारों को देखा

इसके अलावा नैक टीम के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के साथ विचार-विमर्श किया और विश्वविद्यालय की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु नई दिशा देने के लिए सुझाव भी साझा किए। तीन दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में नैक टीम के सदस्यों ने क्षेत्रीय केंद्र भोपाल, इन्क्यूबेशन सेंटर और डे-केयर सेंटर, परिसर का भ्रमण कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सौर ऊर्जा सयंत्र, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट और विश्वविद्यालय के द्वारा किए गए नवाचारों को देखा। नैक टीम के सदस्यों ने विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण भी किया।

कुलपति को रिपोर्ट सौंपी

इसके बाद विवि में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान भोज विश्वविद्यालय की ओर से नैक सदस्यों का सम्मान कर उन्हें धन्यवाद दिया गया। इसके बाद नैक टीम के अध्यक्ष प्रो. नरेश दधीच द्वारा भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी को पूरे तीन दिनों की सील बंद रिपोर्ट सौंपी। प्रो. दधीच ने विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि नैक की बहुत अच्छी रैंकिंग से हमे शिथिल होने की आवश्यकता नहीं है और कम रैंकिंग से भी हमे निराश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हमें निरंतर काम करने की आवश्यकता है। हमें अपने किए गए कार्य और परिश्रम का फल आज नहीं तो कल अच्छा जरूर मिलता है।

बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने कहा कि नैक टीम के सुझावों पर विश्वविद्यालय अवश्य अमल करेगा। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों एवं अधिकारीयों से कहा कि हमें विश्वविद्यालय को बदलती दुनिया के अनुरूप सूचना संचार तकनीक पर आधारित डिजिटल विश्वविद्यालय बनाना है और आनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श स्थापित करना है।

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