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बाढ़ के पानी में फंसे तीन परिवार के 12 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला

 भोपाल की तरफ से पारुआ नाले में अचानक वर्षा का पानी आ गया। इससे श्यामपुर क्षेत्र के ग्राम नोनीखेड़ी में खेत पर बने मकानों में रह रहे तीन परिवार के लोग बाढ़ की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला व एसडीआरएफ की टीम पहुंची और दो बजे इन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। शाम करीब 4.20 बजे तक तीनों परिवार के 12 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, वहीं पानी कम होने से अन्य आठ लोग वहीं रुक गए।

20 लोग चारों तरफ से पानी से घिरे

श्यामपुर से दस किमी दूर ग्राम नोनीखेड़ी में तीन परिवार अपने खेत पर बने मकानों में निवासरत है। यहां से निकले पारुआ नाले के शटर बंद होने से भोपाल की तरफ से आए पानी के कारण उफान आ गया, जिससे यह मकान शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे बाढ़ की चपेट में आ गए। यहां रह रहे तीनों परिवार के महिला-पुरुष सहित बच्चे सभी 20 लोग चारों तरफ से पानी से घिर गए।

सूचना मिलते ही श्यामपुर पुलिस व सीहोर से एसडीआरएफ के दो दल एसडीएम नितिन टाले, तहसीलदार शैफाली जैन, जिला पंचायत सदस्य शशांक सक्सेना, युवक कांग्रेस नेता राजीव गुजराती मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ के दस सदस्यीय दल ने दो नाव के सहारे घरों में कैद 20 में से 12 लोगों को करीब सवा दो घंटे रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया, वहीं आठ लोग पानी कम होने के कारण वहीं ठहर गए।

सुरक्षित निकाले गए लोग

सुरक्षित निकाले गए लोगों में एक परिवार के राजकुमार पिता नंदकिशोर 35 वर्ष, मुस्कान, रमेश निर्मला, नीरज और दूसरे परिवार के राजेश दांगी, दीपक दांगी, रीना दांगी, वहीं तीसरे परिवार की भूली बाई, अभिषेक दांगी व अभिजीत दांगी शामिल हैं। यह सभी लोग ग्राम सिराड़ी के निवासी है। इधर कलेक्टर प्रवीण सिंह, एसपी मयंक अवस्थी शाम करीब चार बजे मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।

एसडीएम नितिन टाले ने बताया कि तीन परिवार के 20 लोग पारुआ नाले में आई बाढ़ में ग्राम नोनीखेड़ी में खेत पर बने मकान में फस गए थे, जिनमे से 12 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया है, वहीं आठ लोग पानी कम होने के कारण वहीं पर ठहर गए हैं।

सुबह 9 से दोपहर तीन बजे तक रास्ते रहे बंद

गुरुवार-शुक्रवार की रात हुई झमाझम वर्षा से ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह सड़क व पुल-पुलिया पर पानी आ गया। इससे कई जगह रास्ते बंद हुए तो कई जगह घरो में पानी भरने से गृहस्थी का सामान भीग गया और कुछ जगह कच्चे मकान धराशायी हो गए। सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक जमोनिया तालाब से दोराहा जोड़, पारुआ नाला आने से बरखेड़ाहसन से सुआखेड़ी मार्ग बंद रहा।

झरखेड़ा नाले का पानी गांव में घुसने से जहां गृहस्थी का सामान भीग गया, वहीं आठ से दस कच्चे मकान पानी की चपेट में आने से गिर गए, जिसके बाद यह रह रहे लोगों को सुरक्षित जगह पर रोका गया। विधायक सुदेश राय मौके पर पहुंचे जायजा लेने के साथ ही पीड़ित लोगों को राहत राशि दी। साथ ही कलेक्टर प्रवीण सिंह से सर्वे कराकर राहत राशि दिलाने की मांग की। इतना ही नहीं तेज वर्षा से जहां फसलें पानी में बह गई, वहीं बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई।

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