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मध्य प्रदेश में मेडिकल की हिंदी पुस्तकें तैयार करने में साफ्टवेयर का उपयोग होगा मिलेगी शब्दकोष अनुवाद की भी सुविधा

भोपाल।  एमबीबीएस द्वितीय और तृतीय वर्ष की पुस्तकें हिंदी में तैयार करने के लिए साफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। इसका लाभ यह होगा किसी भी सरकारी मेडिकल कालेज में अंग्रेजी पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद होगा तो उसकी एक जगह से निगरानी हो सकेगी।

अभी हर कालेज को हर विषय के कुछ पेज अनुवाद के लिए दिए जाते हैं। इसके बाद सभी जगह यह पेज एकत्र कर एकजाई करना पड़ता है। साफ्टवेयर में शब्दकोष भी रहेगा, जिससे अनुवाद जल्दी किया जा सकेगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने सोमवार को गांधी मेडिकल कालेज भोपाल में पुस्तक तैयार करने की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने 13 सितंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य दिया है, जिससे पुस्तकों की छपाई सितंबर-अक्टूबर में हो सके। मंत्री ने बताया कि साफ्टवेयर से अनुवाद के साथ की कार्य की प्रगति का डैशबोर्ड भी बनाया जायेगा।

उन्होंने हिंदी चिकित्सा प्रकोष्ठ के लिए आइटी सेल की स्थापना करने के लिए भी कहा है। साथ ही समय-सीमा में पुस्तकें तैयार करने के लिए आवश्यकता होने पर निजी मेडिकल कालेजों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए हैं।

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