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महाराष्ट्र में नागपुर से ज्यादा नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में हुई वोटिंग, जानिए क्या होगा इसका असर

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 102 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ. महाराष्ट्र की 48 में से 5 सीटों पर मतदान हुए. इन निर्वाचन क्षेत्रों में रामटेक, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, गढ़चिरौली-चिमूर, चंद्रपुर शामिल हैं. इन सभी पांच सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई थी. महाराष्ट्र में पहले चरण के मतदान में शाम सात बजे तक पांच लोकसभा क्षेत्रों में कुल 55.29 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. वास्तव में मतदान प्रतिशत अधिक होने की उम्मीद थी, पर वह नहीं हुआ.

दिलचस्प बात यह है कि गढ़चिरौली-चिमूर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, जिसे नक्सल प्रभावित माना जाता है, में अन्य चार निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में सबसे अधिक मतदान हुआ. गढ़चिरौली-चिमूर लोकसभा क्षेत्र में 64.95 फीसदी वोटिंग हुई है, जबकि नागपुर जैसे लोकसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत सबसे कम है. शाम पांच बजे तक नागपुर में सिर्फ 47.91 फीसदी मतदान हुआ है. बता दें कि नागपुर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बीजेपी के उम्मीदवार और वर्तमान सांसद हैं.

भंडारा-गोंदिया सीट पर सबसे ज्यादा मतदान

महाराष्ट्र की 5 लोकसभा सीटों में से गढ़चिरौली-चिमूर सीट के बाद भंडारा-गोंदिया सीट पर सबसे ज्यादा मतदान हुआ है. यहां शाम पांच बजे तक 56.87 फीसदी मतदान हुआ. उसके बाद चंद्रपुर लोकसभा क्षेत्र में 55.11 फीसदी वोटिंग हुई. वहीं, रामटेक लोकसभा क्षेत्र में 52.38 फीसदी मतदान हुआ.

सबसे कम मतदान नागपुर में 47.91 फीसदी हुआ. नागपुर के मतदान के आंकड़े वाकई चिंता का विषय हैं. मतदान के पहले चुनाव आयोग ने मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान चलाया था. इसके लिए प्रशासन का एक बड़ा तंत्र काम कर रहा था. इसके अलावा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मतदान के अधिकार का प्रयोग करना देश के मजबूत लोकतंत्र के लिए आवश्यक है.

चंद्रपुर में गिरा मतदान का प्रतिशत

पूर्वी विदर्भ के चार अन्य लोकसभा क्षेत्रों के साथ चंद्रपुर लोकसभा क्षेत्र में भी वोटिंग हुई. चंद्रपुर लोकसभा क्षेत्र में कुछ जगहों पर वीवीपैट में गड़बड़ी और कुछ जगहों पर मतदाता सूची में नागरिकों के नाम गायब होने के कई मामले सामने आये. इसके चलते नागरिकों को मतदान केंद्र से बाहर निकलते देखा गया. कुछ जगहों पर नागरिकों ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी भी जताई.

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