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महालक्ष्मी के 59 टुकड़े करने वाले मुक्ति ने बना रखा था 3 महीने का फुलप्रूफ प्लान, ऐसे हुआ खुलासा

कर्नाटक के बेंगलुरु में हुए महालक्ष्मी हत्याकांड में एक बड़ी खबर सामने आई है. कातिल मुक्ति रंजन रॉय ने बेशक सुसाइड कर लिया है. लेकिन उसका सुसाइड करने का कोई इरादा नहीं था. उसने तो अगले तीन महीने तक का फुलप्रूफ प्लान बना रखा था. महालक्ष्मी के शव के 59 टुकड़ों को कहां और कैसे ठिकाने लगाना है. इसकी भी उसने तैयारी कर रखी थी. तीन महीने तक वो शांत रहने वाला था. फिर उसके बाद टुकड़ों को उसने ठिकाने लगाना था. ये खुलासा खुद कातिल के भाई ने किया है.

वायलिकावल में 2 सितंबर को रात 2 बजे मुक्ति रंजन ने सेल्सवूमन महालक्ष्मी की हत्या कर दी थी. कातिल ने उसके बाद महालक्ष्मी के 59 टुकड़े कर उन्हें फ्रिज में डाला और वहां से भाग गया. फ्लैट कई दिन तक बंद रहा, इस कारण किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि यहां कुछ ऐसा कांड भी हुआ है. बाद में 21 सितंबर को जब फ्लैट से बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने महालक्ष्मी की मां को इस बारे जानकारी दी.

मृतका की मां वहां आई तो इस कांड का खुलासा हुआ कि महालक्ष्मी की हत्या कर दी गई है. लेकिन कातिल का कुछ भी पता नहीं था. पुलिस ने जांच शुरू की तो पहले महालक्ष्मी के पति हेमंत पर शक हुआ. उसके बाद अशरफ नामक शख्स पर भी शक की सुई घूमी. लेकिन दोनों का ही इस केस से कोई लेना देना नहीं था. पुलिस को जब इसकी पुष्टि हुई तो जांच का दायरा और बढ़ाया गया. दिन-रात एक करके जांच को बारीकी से किया जाने लगा. पुलिस की ये मेहनत रंग लाई और कातिल का पता लग गया.

3 महीने की प्लानिंग

पुलिस उस तक पहुंचती कि उससे पहले ही कातिल ने 25 सितंबर को ओडिशा के भद्रक स्थित एक कब्रिस्तान में फंदा लगाकर जान दे दी थी. लेकिन वो सुसाइड करना ही नहीं चाहता था. मुक्ति रंजन रॉय के भाई सत्या ने पुलिस को बताया- पिछले 9 दिन से मुक्ति मेरे पास रह रहा था. उसने तब कबूल किया की महालक्ष्मी को उसने मार डाला है. दो से तीन महीने बाद वो उसके शव के टुकड़ों को धीरे-धीरे ठिकाने लगा देगा. इससे किसी को भी कुछ पता नहीं लगेगा.

डर के मारे किया सुसाइड

लेकिन जब पुलिस को मुक्ति के बारे में सब पता लग गया तो वो डर गया. कहीं पुलिस उस तक न पहुंच जाए, इसलिए मुक्ति 25 सितंबर को भाई के घर से बिना बोले निकल गया. साथ में लैपटॉप और डायरी भी ले गया. सुबह का समय था. पिता का स्कूटर लेकर वो भाई के घर से निकला. तीन किलोमीटर दूर एक कब्रिस्तान था. वहां उसने स्कूटर रोका. फिर अंदर जाकर उसने पेड़ से फंदा फंसाया. फिर खुद उसमे लटककर जान दे दी.

बाद में कब्रिस्तान आए लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पहले तो पता नहीं लग पाया कि ये शख्स कौन है और इसने सुसाइड क्यों किया. लेकिन रात होते-होते इसका पता भी लग गया. ओडिशा पुलिस ने बेंगलुरु पुलिस को फिर इसकी जानकारी दी. फिलहाल इस केस में आगामी कार्रवाई जारी है.

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