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माया स्मृति समारोह में डा पार्वती सहित कई कवियों को हिंदी रत्न सम्मान

सेवढ़ा। स्थानीय वार्ड क्रमांक चार में स्थित स्वदेशी सदन में शनिवार को दो दिवसीय माया स्मृति समारोह का समापन हुआ। इस दौरान अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष आशा गोविंद नागिल मौजूद रही। जबकि अध्यक्षता आवारा नवीन लखनऊ ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ डा.राजू विश्वकर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

कार्यक्रम में माया स्मृति कवियत्री सम्मान समिति की ओर से डा.श्यामबिहारी श्रीवास्तव, डा.कामिनी, आयोजन समिति प्रमुख वरिष्ठ गीतकार रामस्वरूप स्वरूप एवं सतेंद्र नागिल ने हिंदी रत्न सम्मान से साहित्यकार और कवियों को सम्मानित किया। इस मौके पर समिति द्वारा डा.मनीषा गिरि दिल्ली, डा.रश्मिशील लखनऊ, तारावती विद्या लखनऊ, साहित्यकार डा.पार्वती रावत दतिया, राजेश बिहारी उरई, नितिन रावत दिल्ली को प्रशस्ती पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का आलोक, प्रदीप, नरेंद्र मित्तल, संजय शर्मा, निरंजन दत्त, हरिओम, डा.राजू, हिमांशु परिहार, भुवनेश्वर, प्रमोद बघेल ने समिति की ओर से स्वागत किया। कवि सम्मेलन में लखनऊ से प्रख्यात कवि डा.रश्मिशील शुक्ल, कवियत्री तारावती, रौन से शिवेंद्र सिंह शिवेंद्र, हरिबाबू निराला मिहोना, राज गोस्वामी दतिया, डा.पार्वती रावत दतिया, नई दिल्ली से डा.मनीषा गिरी, डबरा से धीरेंद्र गहलौत, सबलगढ़ से मांगीलाल मरमिट ने एक से बढ़कर एक रचनाओं का काव्य पाठ कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजक प्रदीप स्वदेशी एवं आलोक स्वदेशी ने साहित्यप्रेमीजन का कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शित किया।

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