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राम जन्मभूमि में मिले प्राचीन मंदिर के अवशेष , देवी-देवताओं की मिली खंडित मूर्तियां, तस्वीरें आई सामने

 नई दिल्ली।  अयोध्या में जल्दी ही रामलला विराजने वाले है। जिसे लेकर तैयारियां चरम पर है। इसी बीच राम जन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मंदिर के कई सारे अवशेष मिले है।जिसमें कई तरह की चीजें जैसे- कलश, पाषाण के खंभे, प्राचीन कुआं चौखट, मूर्तियां और स्तंभ शामिल हैं। जिसकी जानकारी श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने दी है। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय ने इन अवशेषों की एक तस्वीर शेयर की है। जिसमें देवी देवताओं की खंडित मूर्तियां पुष्प कलश अम्लक दोरजाम्ब आदि कलाकृतियां, मेहराब के पत्थर, 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ व 6 रेड सैंड स्टोन के स्तंभ और 5 फुट आकार के नक्काशीयुक्त शिवलिंग की आकृति दिखाई दे रही है।

आपको बता दें  कि 15 जनवरी से मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू हो जाएगा। और 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला विराजेंगे। इस खुशी के मौके पर पीएम मोदी भी उपस्थित रहेंगें। इस कार्यक्रम में एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मींद जताई जा रही है। हालांकि संख्या बढ़ कर 5 करोड़ भी पहुंच सकती है।

कहां तक पहुंचा राम मंदिर का कार्य?

बता दें कि राममंदिर के भूतल के फर्श का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं मंदिर के स्तंभों में मूर्तियों के निर्माण का काम भी 80 फीसदी पूरा हो चुका है। गर्भगृह का दरवाजा सागौन की लकड़ी से निर्मित किया गया है। दरवाजे पर अद्भुत नक्काशी की गई है। गज, देवी-देवताओं सहित अन्य शुभता के प्रतीकों को दरवाजे पर बारीकी से उकेरा गया है, जो सुंदरता बढ़ा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ़ अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर का भूतल तैयार है, अब केवल आतंरित सज्जा का काम चल रहा है।

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