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रूस में जिस पादरी का आतंकियों ने गला काटा उनका था इजराइल कनेक्शन! 40 साल से चर्च में दे रहे थे सेवाएं

रूस के 23 जून को आतंकी हमला हुआ, जिसमें यहूदियों के प्रार्थना घरों और चर्चों को निशाना बनाया गया. इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक पादरी भी शामिल थे जिनकी बेरहमी से गला काट कर हत्या कर दी गई.

यह आतंकी हमला रूस के दक्षिणी क्षेत्र के दागेस्तान के डर्बेंट और मखचकाला शहरों में हुआ. इस हमले में चर्च के ऑर्थोडॉक्स पादरी की गला काट कर हत्या कर दी गई है इस बात की जानकारी गृह मंत्रालय की प्रवक्ता गयाना गारीवा ने दी. हमले में मारे गए पादरी की पहचान 66 साल के फादर निकोले कोटेलनिकोव के रूप में हुई है.

चर्च में घुसकर काटा पादरी का गला

फादर निकोले डर्बेंट शहर के चर्च ऑफ द इंटरसेशन ऑफ द ब्लेस्ड वर्जिन मैरी में थे, जहां रविवार की शाम में आतंकी हमला बोलते हुए शाम की प्रार्थना के बाद चर्च में घुस गए और वहां पर मौजूद फादर निकोले का बेरहमी से गला काट दिया. फादर निकोले के अलावा चर्च में काम करने वाले सिक्योरिटी गार्ड को भी आतंकियों ने गोली मार दी, उसकी पहचान मिखाइल नाम के व्यक्ति के रूप में हुई जो उस चर्च में एकलौता सिक्योरिटी गार्ड था.

40 साल से चर्च में दे रहे थे सेवा

जानकारी के मुताबिक, चर्च में मौजूद अन्य पादरियों ने खुद को बचाने के लिए चर्च में बंद कर लिया और मदद का इंतजार करने लगे, जहां पर वह सभी सुरक्षित बच गए. दागेस्तान पब्लिक मॉनिटरिंग कमीशन के अध्यक्ष शमील खादुले ने बताया कि मिली जानकारी के मुताबिक, मृत पादरी फादर निकोले गंभीर रूप से बीमार थे. उन्होंने चर्च में तकरीबन 40 साल सेवा दी है. फादर निकोले पहले रूस के स्टावरोपोल में थे, जहां से साल 1980 में उन्हें दागेस्तान भेज दिया गया.

कैसे है इजराइल से कनेक्शन?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फादर निकोले के परिवार में उनकी पत्नी, तीन बच्चे और पोते-पोतियां हैं. फादर निकोले ने इजराइल की राजधानी येरुशलम से रूस तक ‘पवित्र अग्नि’ (Holy fire) पहुंचाने के समारोह में भी भाग लिया था, यह रूढ़िवादी ईसाई परंपरा है जो कि ईस्टर के एक दिन पहले होता है. इस आतंकी हमले के बाद सोमवार, मंगलवार और बुधवार को शोक दिवस घोषित किया गया है.

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