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रेल हादसे में मृत बच्चियों की कहानी, पैर में दर्द के कारण जल्दी आ रही थी घर, इससे पहले हो गई मौत

इंदौर। गुरुवार को बरलई से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन तक बने नए रेलवे ट्रैक के ट्रायल के दौरान दो बच्चियों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। वहीं इस घटना के बाद मृतिकाओं के साथ आ रही एक अन्य बच्‍ची ने घटना का आंखों देखा हाल बताया है।

बता दे कि इस हादसे का शिकार होने वाली बबली और राधिका के साथ उनकी सहेली साधना भी कोचिंग से लौट रही थी। बबली और राधिका बात करते हुए आ रही थी और साधना उनसे आगे निकल गई। साधना ने पुलिस को बताया कि तीनों ने पहले ट्रेक से न आने का निर्णय लिया था लेकिन उन दोनों में से एक को पैर में दिक्कत थी। दूसरी ने कहा था कि जन्मदिन के लिए जाना है। पढ़े पूरी बात जो साधना ने अपने बयान में बनाई है।

‘साढ़े चार बजे हमारे कोचिंग का समय है। घर से 4:20 पर निकल जाते है। उधर से आते वक्त तीनों साथ-साथ ही आती है। गुरुवार को आते वक्त इधर से (ट्रैक से) आने का मना भी बोला था। लेकिन एक को बर्थडे में जाना था और एक के पैर में दर्द था। उसने कहा था कि दूसरा रास्ता लंबा पड़ जाएगा। हम तीनों इधर (ट्रेक) से ही आ रहे थे। वो दोनों बातें करते हुए आ रही थी। मैं तो आगे निकल गई थी। उस वाली पटरी पर ट्रेन आ रही थी। दोनों को लगा कि वह दूसरी पटरी पर आ रही है और वो खड़ी हो गई। हवा के झोंके के साथ ट्रेन गुजर गई। मैंने झांक कर देखा तो कुछ दिखाई नहीं दिया। तभी कुछ लोग बाहर निकले। मुझे लगा नई ट्रेन देखने के लिए निकले है। मैंने आवाज भी दी लेकिन दिखाई नहीं दी। मुझे लगा मेरा ध्यान भटक गया और वो आगे निकल गई। मैं जल्दी-जल्दी आई और रास्ते में पूछा कि वो (बबली और राधिका) घर आ गई क्या। लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। मैं अकेली ढूंढने लगी।तब मुझे पता चला कि दोनों पटरी के पर गिरी हुई है। एक ट्रेक और दूसरी थोड़ी दूर है। मुझे यह देखकर चक्कर आने लगे।मैं जल्दी-जल्दी आई और घर वालों को बताया।’

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