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लोकसभा चुनाव में क्या है AIMIM का प्लान? बिहार से महाराष्ट्र और यूपी तक ओवैसी उतारेंगे कैंडिडेट

लोकसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के साथ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी मैदान में उतर गए हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में AIMIM के दो सांसद जीतने में सफल रहे थे, असदुद्दीन अवैसी हैदराबाद से और इम्तियाज जलील औरंगाबाद से जीते थे. ओवैसी ने इस बार दो से ज्यादा सीटें जीतने के लिए अभी से मशक्कत शुरू कर दी है, जिसके लिए खास प्लान बनाया है. हैदाराबाद और औरंगाबाद के साथ यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में चुनाव लड़ने का मन बनाया है, जिसके लिए ओवैसी सियासी माहौल बनाने में जुट गए हैं.

असदुद्दीन ओवैसी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपने दौरे शुरू कर दिए हैं. महाराष्ट्र से लेकर बिहार के सीमांचल तक के सियासी समीकरण साधने में ओवैसी जुट गए हैं. पिछले दिनों असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल का दौरा किया और कहा था कि हम आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार के सीमांचल क्षेत्र की अधिक से अधिक संसदीय सीट पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में हमने इस क्षेत्र में केवल एक सीट पर चुनाव लड़ा था और वह किशनगंज सीट थी. लेकिन इस बार किशनगंज के अलावा हम तीन और सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने की योजना बना रहे हैं.

बिहार की चार सीट पर ओवैसी का फोकस

बिहार की चार लोकसभा सीटों पर ओवैसी ने 2024 के चुनाव में लड़ने का प्लान बनाया है. ओवैसी की नजर सीमांचल इलाके में पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार लोकसभा सीट पर है. यहां उन्होंने अपने उम्मीदवार उतारने का प्लान बनाया है. ये चारों मुस्लिम बहुल सीटें हैं, जहां पर 30 से 60 फीसदी के बीच मुस्लिम मतदाता हैं. 2019 में ओवैसी की पार्टी से अख्तारुल इमान किशनगंज से मैदान में उतरे थे और दो लाख वोट पाने में कामयाब रहे थे.

कांग्रेस यह सीट जीतने में सफल रही थी जबकि दो सीटें जेडीयू और एक सीट बीजेपी को मिली थी. इसके बाद से ओवैसी का सीमांचल के इलाके में ग्राफ बढ़ा है, जिसके चलते 2020 के चुनाव में पांच सीटें जीती थी. हालांकि, चार विधायक पार्टी छोड़कर आरजेडी में चले गए. राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बहाने सीमांचल में मुस्लिम समुदाय के बीच अपनी पैठ जमाने उतरे थे और उसके बाद ओवैसी ने तीन दिनों तक डेरा जमाए रखा.

झारखंड और बंगाल पर ओवैसी की नजर

बिहार के साथ-साथ ओवैसी ने बंगाल और झारखंड में भी चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं. ओवैसी ने कहा था कि मैंने झारखंड के पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की है. हम 2024 के लोकसभा चुनाव में आदिवासी राज्य की दो से तीन सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहे हैं, जहां पर आदिवासी और मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका में हैं. इसी तरह से ओवैसी पश्चिम बंगाल की मुस्लिम बहुल चार सीटों पर भी चुनाव लड़ने की रणनीति बना रहे हैं. उन्होंने इस बात को किशनगंज की रैली में कहा था. पश्चिम बंगाल की उन सीटों पर ओवैसी की नजर है, जो सीमांचल से लगी हुई हैं और मुस्लिम वोटर 30 फीसदी से ज्यादा हैं.

महाराष्ट्र में एक से चार सीट का प्लान

महाराष्ट्र में 2019 के लोकसभा चुनाव में औरांगाबाद सीट पर जीत का परचम फहराने वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) मुंबई लोकसभा क्षेत्र में प्रवेश करने पर विचार कर रही है. ओवैसी महाराष्ट्र से अपने एकमात्र सांसद को राजधानी की एक सीट से मैदान में उतारने पर विचार कर रहे हैं. असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र की चार लोकसभा सीटों से कामयाबी मिलने की मंशा जाहिर की है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मुंबई से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अपने सांसद इम्तियाज जलील के प्रस्ताव पर विचार करेगी. AIMIM महाराष्ट्र की चार लोकसभा सीटों- धुले, नांदेड़, भिवंडी और छत्रपति संभाजीनगर सीट पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. इसमें से छत्रपति संभाजीनगर सीट (पहले औरंगाबाद) पर अभी AIMIM का ही कब्जा है.

ओवैसी ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करने वाले राजनीतिक दल राज्य में बेचैन हैं. इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी खेमे के उन नेताओं की आलोचना की जो हाल ही में बीजेपी या उसके गठबंधन सहयोगियों में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि इम्तियाज जलील की ओर से छह लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पार्टी को मिला है. पार्टी इस पर विचार करेगी और फैसला करेगी. हालांकि, पार्टी की नजर चार लोकसभा सीटों पर है, जहां पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं.

यूपी की 20 सीटों का भेजा गया प्रस्ताव

AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने 20 लोकसभा सीटों पर 2024 में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजा है. पश्चिमी यूपी, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, सहारनपुर, मेरठ और पूर्वांचल क्षेत्र की अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, घोसी, जौनपुर, सुल्तानपुर जैसी सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजा गया है. शौकत अली की फरवरी के आखिर में ओवैसी से मुलाकात होगी, जिसमें यूपी में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है और कब उनके दौरे शुरू होंगे, उस पर चर्चा होगी. हालांकि, यूपी की AIMIM ने जिन लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजा है, उन पर उम्मीदवार की भी तलाश शुरू कर दी है. इसके अलावा ओवैसी के मार्च में चार प्रोग्राम यूपी में कराए जाने का प्लान है.

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