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लोग जान सकेंगे मध्य प्रदेश के अनाम स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथा

भोपाल। स्वतंत्रता संग्राम में अब तक हमने चुनिंदा आंदोलन एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में ही पढ़ा और सुना है, लेकिन कई ऐसे भी हैं, जिन्होंने देश की आजादी में अपना योगदान तो दिया पर उन्हें पहचान नहीं मिल सकी। ऐसे मप्र के अनाम स्वतंत्रता सेनानियों पर स्वराज संस्थान संचालनालय पुस्तक तैयार करा रहा है।

पांच पुस्तकों का विमोचन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे

इसमें ऐसे सेनानियों को लिया गया है, जिनका इतिहास में ज्यादा जिक्र नहीं है और उनके आंदोलन व वीरता असाधारण है। इसमें जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी हैं। इतिहास की विश्वसनीय पुस्तकों और ब्रिटिश शासनकाल के मूल दस्तावेजों के संदर्भ से सीरीज को तैयार किया जा रहा है। इसमें से पांच पुस्तकों का विमोचन मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया जाएगा।

41 में से पांच का काम पूरा

स्वराज संचालनालय के उप संचालक संतोष वर्मा ने बताया कि अनाम स्वतंत्रता सेनानियों पर 2008 से काम किया जा रहा है। इसमें 41 पुस्तकों को तैयार किया जाएगा। पांच पुस्तक का काम पूरा हो गया है। इन पुस्तक में रीवा, नीमच, रतलाम, सागर और मंदसौर जिले के स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां हैं।

मध्‍य प्रदेश के सभी जिलों के स्वतंत्रता सेनानियों पर किताब

इसके अलावा मध्‍य प्रदेश के सभी जिलों के स्वतंत्रता सेनानियों पर किताब तैयार की जा रही है। इसके लिए कमेटी तैयार की गई थी। इसमें हर जिले के लिए एक व्यक्ति को चुना गया, जो उस जिले के स्वतंत्रता सेनानी की जानकारी प्राप्त कर उस पर किताब तैयार कर रहे हैं। इसमें स्वतंत्रता सेनानी के स्थानीय व्यवहार, समाज के प्रति नेतृत्व, उनकी मांगें क्या थीं, वे किस तरह केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े, कौन-कौन लोग इसमें सामने आए, स्थानीय स्तर पर क्या कारण थे, किस वजह से स्वतंत्रता सेनानी क्रांति करने के लिए प्रेरित हुए, जैसी जानकारी शामिल रहेंगी।

डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगी

स्वतंत्रता सेनानी से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी के लिए बुक का डिजीटलीकरण भी किया जाएगा, जिसे स्वराज संचालनालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इससे देश में कहीं भी रहकर मप्र के सभी जिलों के अनाम स्वतंत्रता सेनानी को जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

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