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सैकड़ों कर्मचारियों के लिए संकटमोचक बने रतन टाटा, कंपनी ने कर दिया था टर्मिनेट

टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (TISS) ने 115 टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का नोटिस वापस ले लिया है. टाटा एजुकेशन ट्रस्ट (TET) के चेयरमैन रतन टाटा ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराने का आश्वासन दिया है. TISS ने कहा कि उसने 55 टीचिंग और 60 गैर-टीचिंग कर्मचारियों के कॉन्ट्रेक्ट को रिन्यू ना करने के नोटिस को वापस ले लिया है और उन्हें अपना काम जारी रखने को कहा है.

रतन टाटा बने संकटमोचक

TISS ने एक बयान में कहा कि टाटा एजुकेशन ट्रस्ट के साथ चल रही चर्चाओं ने आश्वासन दिया है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए TISS को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. TET ने TET परियोजना/कार्यक्रम संकाय और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों के वेतन के लिए फंड जारी करने की प्रतिबद्धता जताई है. सर्कुलर में कहा गया है कि सभी संबंधित TET कार्यक्रम संकाय और गैर-टीचिंग कर्मचारियों को संबोधित 28 जून 2024 को जारी किया गया पत्र संख्या Admn/5(1) TET-संकाय और कर्मचारी/2024 तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है. कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे अपना काम जारी रखें और संस्थान को टीईटी सहायता अनुदान मिलने के बाद उनका वेतन भेज दिया जाएगा.

28 जून को जारी हुआ था लेटर

28 जून को TISS ने मुंबई, तुलजापुर, हैदराबाद और गुवाहाटी में अपने परिसरों में लगभग 100 कर्मचारियों को टर्मिनेशन लेटर जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि कॉन्ट्रेक्ट को रिन्यू नहीं किया जाएगा और जिससे उनकी सेवाएं 30 जून 2024 को समाप्त हो जाएंगी.

TISS के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर मनोज कुमार तिवारी ने कहा था कि इन कर्मचारियों को टाटा ट्रस्ट के फाइनेंसिंग के अंदर आने वाली अलग-अलग परियोजनाओं के तहत नियुक्त किया गया था. पिछले कुछ महीनों में इन परियोजनाओं के लिए फंड मिलना बंद हो गया है. इसे ध्यान में रखते हुए हमने इन शिक्षकों को संस्थान में घड़ी के आधार पर काम करने की अनुमति दी. लेकिन अब हम वित्तीय सहायता प्राप्त करने में असमर्थ हैं, इसलिए हमने उनकी सेवाएँ बंद करने का फैसला किया है. ट्रस्ट से धन मिलने के बाद हम उन्हें फिर से नियुक्त करेंगे.

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