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स्वस्थ जीवनशैली, टीकाकरण और जांच के जरिए बच सकते हैं संक्रमण व एलर्जी से

बच्चों के लिए इंफ्लूएंजा टीका और 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग निमोकोकल टीका लगवा सकते हैं। इंफ्लूएंजा टीका वर्ष में एक बार लगाया जाता है, जबकि निमोकोकल टीका जीवन में एक या अधिकतम दो बार ही लगवा सकते हैं। बदलते मौसम में होने वाले संक्रमण और एलर्जी से बचाव व उपचार से संबंधित यह जानकारी छाती व दमा रोग विशेषज्ञ डा. प्रमोद झंवर ने नईदुनिया के पाठकों को दी।

बुधवार को नईदुनिया द्वारा पाठकों के लिए हेलो डाक्टर कार्यक्रम आयोजित किया गया। पाठकों से प्रश्नों के उत्तर देते हुए डा. झंवर ने कहा कि पौष्टिक आहार, पर्याप्त पानी पीने, भरपूर नींद लेने, व्यायाम कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है, जिससे कई रोगों से बचा जा सकता है। यदि सर्दी-खांसी की शुरुआत हो तो गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें, भाप लें और चिकनाईयुक्त भोजन करने से बचें। अस्थमा पीडित या जिन्हें किसी भी तरह की एलर्जी है वे किसी चिकित्सक द्वारा दी गई दवाई और इनहेलर का उपयोग चिकित्सकीय सलाह से करें।

पाठकों के प्रश्न चिकित्सक के उत्तर

प्र. सुबह छींक बहुत आती है। इसका कारण और निवारण क्या है? – कैलाश परमार

उ. यह नाक की एलर्जी का लक्षण है। यदि धूल, तेज गंध, मसाला आदि से एलर्जी है तो उससे दूर रहें। यदि दूर नहीं रह सकते तो मास्क लगाएं। पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं, जिससे कफ आसानी से निकलेगा। गुनगुना पानी पीना भी लाभदायक सिद्ध होगा।

प्र. बारिश में भीगने के बाद बार-बार बुखार आ रहा है। दवाई का असर खत्म होता है तो दोबारा बुखार आ जाता है, ऐसा क्यों? – रेहमत रजा

उ. वर्षा ऋतु में संक्रमण सक्रीय हो जाता है इससे बचने के लिए भाप लें और गुनगुने पानी में नमक डालकर उससे गरारे करें। अचार, मसाले, तेल आदि से परहेज करें। चिकित्सकीय परामर्श के अनुरूप दवाई लेते रहें। यदि समस्या हर बार होती है तो एलर्जी की जांच कराएं।

प्र. किशोरवय बेटे को बार-बार सर्दी हो जाती है ऐसा क्यों? – मोना ठाकुर

उ. यह एलर्जी राइनाइटिस है। यह वंशानुगत समस्या भी हो सकती है। ऐसे में बदलते मौसम में सजग रहें। जिन्हें मौसम बदलने से एलर्जी होती है, वे इनेलेशन थेरेपी का उपयोग भी कर सकते हैं।

प्र. मुझे अस्थमा भी है और गले में दर्द होने के बाद बुखार भी आया इसका क्या उपचार है? – तोशी जोहरी

उ. साधारण सर्दी-जुकाम सप्ताहभर में दूर हो जाता है, जबकि एलर्जी के कारण है तो यह लंबे वक्त तक रह सकता है। अस्थमा है इसलिए इनहेलर का उपयोग करते रहें। नींद में खलल, हृदयगति तेज, थकान और बोलने में समस्या आ रही हो तो ब्रीदोमीटर से अस्थमा की जांच करें।

प्र. साढ़े चार वर्ष की बेटी को अस्थमा है, उसे संक्रमण व एलर्जी से कैसे बचाएं? – हर्षा ओझा

उ. फेफड़े की जांच के लिए इंपल्स आलसोमेट्री टेस्ट होता है, वह जांच जरूर कराएं। एलर्जी के बारे में पता करने के लिए भी जांच करा लें। यदि एलर्जी है तो ओरल वैक्सीन भी दी जा सकती है।

प्र. ठंडे खाद्य पदार्थ या ठंडा पानी पीने से दिनभर छींक आती रहती है। इससे कैसे बचें? – किशन कौरानी

उ. ठंडे व खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करे। यदि किसी कारण इनका सेवन कर भी लिया तो भाप लें और गर्म पानी पीएं। इसके अलावा एंटी स्टेमिन्स दवाई ले सकते हैं।

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