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हत्या, तोड़फोड़, आगजनी और डर से सहमे चेहरे… बहराइच में तांडव की तस्वीरें

उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार शाम को भड़की सांप्रदायिक हिंसा की चिंगारी सोमवार सुबह तक भीषण आग बन गई. राम गोपाल मिश्रा की मौत के बाद हिंदू संगठन भड़क उठे और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए. सोमवार सुबह पुलिस ने स्थिति में काबू पाने के लिए भरसक कोशिश की. कई जगहों पर हल्का बल प्रयोग भी किया गया. कई लोगों को हिरासत में लिया गया है लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. पुलिस प्रशासन के कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं. प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और कई जगहों पर आगजनी, तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं. मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

रविवार शाम को बहराइच के महसी तहसील के अंतर्गत मंसूर गांव के महाराजगंज इलाके से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का जुलूस निकल रहा था. उसी वक्त सलमान नाम के शख्स के घर के सामने से जब जुलूस गुजरा तो लाउडस्पीकर पर विवाद शुरू हुआ. विवाद में दो पक्ष आमने-सामने आ गए जिसके बाद आरोप है कि सलमान के घर से गोलियां चलाईं गई हैं. इस गोलीबारी में जुलूस के एक व्यक्ति राम गोपाल मिश्रा को गोली लग गई. उसकी हालत बिगड़ गई जिसके बाद उसने हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.

राम गोपाल की मौत के बाद हिंदू संगठन भड़क उठे और हिंसा के विरोद में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए उतर आए. आरोप है कि गोलीबारी में 5-6 लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सलमान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. वहीं 30 से ज्यादा लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है. लॉ एंड ऑर्डर को कायम रखने के लिए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला है. कुछ जगहों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया है.

सीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

बहराइच में भड़की हिंसा के बाद सियासी गलियारों में भी भूचाल मचा हुआ है. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस से लेकर सत्ताधारी बीजेपी के कई नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी घटना की निंदा की है और प्रशासन को धार्मिक संगठनों से संवाद करने और मूर्ति विसर्जन जारी रखने का निर्देश दिया. सीएम के निर्देश के बाद गृह सचिव संजीव गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं.

क्या बोले डिप्टी सीएम

वहीं प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके कहा है कि प्रदेश की शांति और सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की सफल नहीं होगी. दंगाइयों को संरक्षण देने वाली फिर सक्रिय हो रहे हैं. डिप्टी सीएम ने दोषियों के खिलाफ सख्त सजा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कही है. वहीं इस पूरे मामले में विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है.

शव को लेकर किया हंगामा

राम गोपाल मिश्रा की मौत के बाद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी सैकड़ों की संख्या में डंडे और लोहे की रॉड लेकर सड़कों पर उतर आए. कई दुकानों को आग लगा दी गई और कई जगहों पर मोटरसाइकिलों और कारों में आगजनी की गई. आगजनी से आसमान में काला धुआं उठता हुआ दिखाई दिया. पुलिस को बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा और भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए. पूरे इलाके में चप्पे-चप्पे पर जवानों को तैनात किया गया है. वहीं मृतक के गांव में भी किसी भी की आवाजाही रोक दी गई है. कई संगठन गांव के बाहर उससे मिलने के लिए खड़े हुए हैं.

मृतक का हुआ अंतिम संस्कार

शव को लेकर परिजनों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग करने को लेकर प्रदर्शन किया. पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन आखिरकार राम गोपाल मिश्रा के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए. इसके बाद गांव में ही राम गोपाल का अंतिम संस्कार किया गया है. रामगोपाल घसियारीपुरा के मंसूर गांव के रहने वाले थे. उनकी उम्र 22 साल थी. रविवार को मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए मंसूर गांव महाराजगंज लाया गया था. उसी दौरान यह पूरा विवाद हुआ है.

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