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300 लोगों की मौत के बाद वायनाड को मिलेगा ग्रीन प्रोटेक्शन, जानें क्या होता है ये

वायनाड में आए लैंडस्लाइड ने तबाही मचा दी है, अभी तक इसमें 300 लोगों से ज्यादा की मौत आई है और 100 लोगों से ज्यादा के लापता होने की खबर सामने आई है. यूनियन एनवायरमेंट मिनिस्टर ने अब पश्चिम घाट को इकोलॉजिकली सेंसिटिव एरिया (ESA) घोषित करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें वायनाड के भी गांव शामिल हैं.

यूनियन एनवायरनमेंट मिनिस्टर के जारी किए गए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में वायनाड के वो गांव शामिल होंगे जहां पर लैंडस्लाइड की वजह से कई लोगों की जान चली गई है. यह लैंडस्लाइड 30 जुलाई की सुबह आई थी. सरकार का ये ईएसए क्लासिफिकेशन प्रपोजल छह राज्यों और पश्चिमी घाट के 59,940 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र – या लगभग 37% क्षेत्र को कवर करता है. सरकार का आया अभी का ड्राफ्ट जुलाई 2022 में जारी किए गए ड्राफ्ट की तरह है.

रिइश्यू किया गया है ये ड्राफ्ट

यह कदम 2011 में प्रख्यात इकोलॉजिस्ट माधव गाडगिल के नेतृत्व वाले पैनल द्वारा पहली बार इस तरह के सीमा निर्धारण करने की सिफारिश किए जाने के 13 साल बाद उठाया गया है, उस समय 75% क्षेत्र को संरक्षित करने की सिफारिश की गई थी, जो कि अब घटकर 37% हो गई है. यूनियन एनवायरनमेंट मिनिस्टर ने बताया कि इस ड्राफ्ट को रिइश्यू किया गया क्योंकि पिछला वाला ड्राफ्ट एक्सपायर हो गया था. MoEFCC की गठित हाई लेवल कमिटी ने अभी तक अपनी रिपोर्ट पूरी नहीं की है, उन्होंने केरल सहित राज्यों से मिले जवाबों के आधार पर हमें अभी तक अंतिम सुझाव नहीं दिए हैं. एक्सपर्ट ने बताया कि हाल ही में वायनाड जिले में हुए लैंडस्लाइड की वजह से इस नए ड्राफ्ट को तैयार किया गया है.

ESA में क्या होंगे बदलाव

इस ड्राफ्ट में वायनाड में विथिरी के कुछ हिस्सा भी ESA के लिए शामिल किया गया है, विथिर लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. अगर इस मामले को अंतिम रूप दिया जाएगा और ESA घोषित किया जाता है तो क्षेत्रों में माइनिंग, उत्खनन, सैंड माइनिंग, थर्मल पावर प्लांट और पॉल्युटिंग इंडस्ट्री पर पूरी तरह से बैन लगाया जाएगा. इसके अलावा तय किए गए सीमा के ऊपर के नए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट और टाउनशिप डेवलपमेंट पर भी रोक लगाई जाएगी. इस ड्राफ्ट को छठी बार रिन्यू किया गया है, जिसमें कहा गया है कि 20,000 वर्ग मीटर और उससे ज्यादा के सभी नई भवन विस्तार प्रोजेक्ट और निर्मित क्षेत्र के कंस्ट्रक्शन और विस्तार प्रोजेक्ट्स और 50 हेक्टेयर और उससे ज्यादा क्षेत्र या 150,000 वर्ग मीटर और उससे ज्यादा के निर्मित क्षेत्र के साथ सभी नई और विस्तारित टाउनशिप और एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर रोक लगाई जाएगी.

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