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36 साल का इतिहास पलट सकता है रोहित शर्मा का उठाया ये कदम, जो होगा उसे गौतम गंभीर कभी भूला नहीं पाएंगे!

बेंगलुरु टेस्ट में पहला दिन बारिश की भेंट चढ़ गया और दूसरे दिन के खेल में टीम इंडिया घरेलू जमीन पर बनाए अपने सबसे लोएस्ट टोटल 46 रन पर ढेर हो गई. ऐसे में सवाल ये है कि क्या रोहित शर्मा का उठाया एक कदम 36 साल का इतिहास पलट सकता है. क्योंकि, आसार तो इसी के जगे दिख रहे हैं. और, अगर ऐसा हो गया तो फिर हेड कोच गंभीर के लिए ये कभी ना भूला सकने वाला टेस्ट मैच साबित हो सकता है. अब आप सोच रहे होंगे कि रोहित शर्मा का उठाया कदम क्या है? और, क्या है उसका 36 साल के इतिहास से कनेक्शन?

रोहित शर्मा ने उठाया कौन सा कदम?

टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा के उठाए कदम से यहां मतलब उनके टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले से है. भारतीय कप्तान के उस फैसले का ही नतीजा रहा कि टीम 46 रन पर लुढ़क गई. दूसरे दिन के खेल के बाद रोहित शर्मा ने अपनी गलती मानते हुए कहा भी कि उनसे पिच को पढ़ने में चूक हुई. उन्होंने टॉस जीतकर गलत फैसला कर लिया.

रोहित का कदम पलट सकता है 36 साल का इतिहास

इसमें कोई दो राय नहीं कि टॉस जीतकर रोहित शर्मा का पहले बल्लेबाजी करने का फैसला टीम इंडिया के लिए आत्मघाती रहा. अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार लेने जैसा रहा. उनके उसी फैसले ने अब 36 साल के इतिहास को पलटने की उम्मीद जगा दी है. यहां 36 साल के इतिहास से मतलब न्यूजीलैंड के भारत में टेस्ट मैच जीतने से है.

न्यूजीलैंड ने भारतीय जमीन पर आखिरी बार टेस्ट मैच 36 साल पहले यानी 1988 में जीता था. वो मुकाबला मुंबई के वानखेड़े मैदान पर खेला गया था. उसके बाद कीवी टीम भारत में एक टेस्ट मैच जीतने को तरस रही है. अब जिस तरह से उसने बेंगलुरु टेस्ट को मजबूती से जकड़ा है, उसे देखकर लगता है कि रोहित शर्मा के उठाए कदम के चलते 36 साल का इतिहास पलट सकता है. मतलब, न्यूजीलैंड जीत सकती है.

गौतम गंभीर नहीं भूल सकते फिर ये टेस्ट मैच!

अब एक तो अपने ही देश की जमीन पर टेस्ट मैच में 46 रन पर लुढ़कने का रिकॉर्ड बना. अब ऊपर से 36 साल बाद भारत में न्यूजीलैंड ने टेस्ट मैच भी जीत लिया तो हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग में वो सब होता दिखेगा, जो पहले नहीं दिख रहा था. जाहिर है कि अगर ऐसा हुआ तो गौतम गंभीर के कोचिंग करियर में कभी ना भूला पाने जैसा होगा बेंगलुरु टेस्ट.

बहरहाल, टीम इंडिया के पास अभी भी एक पारी है. बेंगलुरु टेस्ट मेंं अभी काफी खेल भी बचा है. और, सबसे बड़ी बात की क्रिकेट अनिश्चताओं का खेल है. हो सकता है कि टीम इंडिया ये टेस्ट मैच बचा भी ले. लेकिन, ताजा समीकरण में जो दिख रहा है, उसके मुताबिक इतिहास पलटने का पलड़ा ज्यादा भारी है.

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