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76000 करोड़ रुपये खर्च कर यहां पोर्ट बनाएगी सरकार, 12 लाख नौकरियों का भी दावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार आने वाले 5 साल में 76 हजार करोड़ खर्च करके भारत में नया पोर्ट बनाएगी. दरअसल, सरकार ने महाराष्ट्र के पालघर में वधावन पोर्ट को मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में 76200 करोड़ रुपये का खर्च होने की संभावना है. वाधवन पोर्ट पर कंटेनर की कैपेसिटी 20 मिलियन Teu होगी. इससे पोर्ट के आसपास के इलाके में 12 लाख नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे.

रेलवे और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी

इस पोर्ट के आसपास रेलवे और हवाई अड्डे की शानदार कनेक्टिविटी होगी. देश में एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को ग्रीन सिग्नल मिला है. यहां 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे और मेगा कंटेनर पोर्ट होगा. इस पोर्ट का पहला फेज 2029 में पूरा होगा. ये पोर्ट विश्व के टॉप 10 में होगा. ये मुंबई से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

ऐसा होगा डिजाइन

सरकार ने कहा है कि इस पोर्ट के निर्माण के लिए हर एक स्टेकहोल्डर से चर्चा की गई. पोर्ट के डिजाइन में बदलाव किया गया है और अब इसे स्थानीय लोगों के फायदे के हिसाब से तैयार किया जाएगा. एक बड़ी बात यह कि ये पोर्ट इंडिया मिडिल ईस्ट कॉरिडोर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा. इस पोर्ट पर कोस्ट गार्ड का एक अलग बर्थ होगा. इसके अलावा एक फ्यूल बर्थ भी होगा.

खबरों के अनुसार, इस पोर्ट को जवाहर लाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीटी) और महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड द्वारा मिलकर बनाया जा रहा है. इसमें जेएनपीटी की हिस्सेदारी 74 फीसदी और महाराष्ट्र मेरिटाइम बोर्ड की 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी.

12 लाख नौकरियों के अवसर

इस पोर्ट से इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनामिक कॉरिडोर और इंटरनेशनल नार्थ साउथ ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर के माध्यम से व्यापार में भी सहायक सिद्ध होगा. सरकार को उम्मीद है कि पीएम गतिशक्ति कार्यक्रम में शामिल यह बंदरगाह बन जाने के बाद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दस लाख रोजगार के अवसर तैयार होंगे.

दुनिया का 10वां सबसे बड़ा पोर्ट होगा वाधवन

वाधवन पोर्ट दुनिया का 10वां सबसे बड़ा पोर्ट होगा. इसकी क्षमता 23 मिलियन ट्वेंटी-फुट इक्विवैलेंट यूनिट (TEU) या 254 मिलियन टन के एनुअल कार्गो को हैंडल करने की होगी। 2035 तक पूरी तरह से तैयार होने के बाद वधावन पोर्ट दीनदयाल बंदरगाह, मुंद्रा और विशाखापत्तनम बंदरगाह के बाद भारत का चौथा सबसे बड़ा पोर्ट होगा है. वधावन पोर्ट 16,000-25,000 TEU क्षमता के कंटेनर जहाजों की आवाजाही को सक्षम करेगा.

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