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पारा 44 डिग्री…नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लिटाया, डीडवाना के बदहाल अस्पताल की कहानी

राजस्थान के डीडवाना जिले से राजकीय उपजिला अस्पताल के खस्ता हालत की तस्वीर सामने आई है. परबतसर के अस्पताल में महिलाओं की नसबंदी के बाद उनको बिस्तर लगा कर नीचे ही सुला दिया गया. परबतसर का राजकीय अस्पताल में पिछले साल ही सुविधाओं की बढ़ोतरी और सुधार के लिए उपजिला स्तर पर काम शुरू हुआ था, लेकिन वहां पर अभी भी ज्यादातर सुविधाओं की कमी है.

इस अस्पताल में सोमवार को महिलाओं की नसबंदी केंद्र था, जिसमें 58 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हुआ था. इनमें 58 रजिस्ट्रेशन में से 38 महिलाओं की नसबंदी की गई थी. जिन महिलाओं की नसबंदी की गई उनको नीचे फर्श पर ही गद्दा बिछाकर सुलाया गया. महिलाओं को जहां सुलाया गया था वहां गर्मी का भी ख्याल नहीं रखा गया.

एडीएम कुचामन ने अस्पताल का निरीक्षण किया था. इस बारे में अस्पताल में पीएमओ डॉ. किशन कटारिया का कहना है कि अस्पताल में 100 बैड की व्यवस्था है, लेकिन अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए यह काफी कम हैं. साथ ही यहां स्टाफ की भी कमी है. इस कारण भी महिलाओं को अलग अलग वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जा सकता है.

सीएमएचओ ने कहा आगे नहीं होगी ऐसी गलती

नसबंदी के बाद महिलाओं को नीचे सुलाने और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का मामला सामने आया तो इलाके में हड़कंप मच गया. ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीज को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन अस्पताल में महिलाओं को नीचे सुला दिया गया.

डीडवाना सीएमएचओ डॉ अनिल कुमार ने इस मामले को बताया कि परबतसर के राजकीय उप जिला अस्पताल में सोमवार को नसबंदी के दौरान अस्पताल में ज्यादा महिला आ गई थीं, ऑपरेशन थियेटर में भी भीड़ होने महिलाओं को गद्दा बिछाकर सुला दिया गया. उन्होंने कहा कि यदि फिर भी कोई चूक हुई है तो परबतसर अस्पताल के प्रभारी को लेटर लिख दिया जायेगा और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही नहीं होगी .

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