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सेना की ट्रेन के आगे घुमावदार ट्रैक पर लगाए गए थे डेटोनेटर, ऐसी जगह चुनी जहां नेटवर्क भी नहीं मिलता

खंडवा। खंडवा-भुसावल रेल खंड स्थित सागफाटा के निकट रेलवे ट्रैक पर आरोपित गैंगमैन साबिर पुत्र मोहम्मद शब्बीर द्वारा डेटोनेटर लगाने की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामला गंभीर षड्यंत्र की ओर जाता दिख रहा है।

आरोपित साबिर द्वारा डेटोनेटर लगाने के लिए चुनी गई जगह का अधिकारी बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं। डेटोनेटर जहां लगाए गए, वहां पटरी घुमावदार होने से ट्रैक में एक तरफ झुकाव है। साथ ही वहां मोबाइल नेटवर्क भी नहीं मिलता।

ऐसे में वह स्थान ऐसा ब्लैक स्पाट है, जहां ट्रेन डिरेल होने का खतरा अधिक रहता है। मोबाइल नेटवर्क-विहीन स्थान होने से हादसे की सूचना मिलने व राहत और बचाव कार्य में भी अधिक देरी हो सकती थी।

जांच में इस तरह के तमाम बिंदुओं पर आरपीएफ सहित अन्य जांच एजेंसियां आरोपित साबिर से पूछताछ में जुटी हैं। उसे एक्सपायर डेटोनेटर कहां से मिले, सेना की विशेष ट्रेन के गुजरने से पहले ही उन्हें ट्रैक पर क्यों लगाया, जंगल में खंभा नंबर 537 की सुनसान जगह का चयन ही क्यों किया, जैसे प्रश्नों के प्रत्येक बिंदु पर जांच की जा रही है।

यह है पूरा मामला

18 सितंबर को खंडवा-बुरहानपुर रेलवे ट्रैक पर सागफाटा स्टेशन के करीब डेटोनेटर लगाए गए थे। उस वक्त यहां से सेना की विशेष ट्रेन गुजर रही थी। डेटोनेटर फटने से लोको पायलट ने ट्रेन को रोक दिया था। इसके बाद उसने अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद से ही सभी जांच एजेंसियां इस मामले की जांच में जुटी हैं।

सहकर्मियों से रखता था बैर भाव

अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि साबिर कुंठित मानसिकता वाला, नशे का आदी और सहकर्मियों से बैर-भाव रखने वाला व्यक्ति है। घटना का राजफाश करने के लिए इस सेक्शन के पीडब्लूआई से लेकर प्रत्येक गैंगमैन से पूछताछ की जा रही है।

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