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Israel-Hamas War का एक सालः इजराइल ने अपने 1200 नागरिकों के बदले हमास के 42 हजार लोग मारे; तबाह कर दिया गाजा, पिक्चर अभी भी बाकी….

 इजरायल-हमास युद्ध को एक साल पूरा हो गया है। इस संघर्ष की शुरुआत ठीक एक साल पहले  7 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब हमास ने इजरायल पर एक भयानक हमला किया था जिसमें 1200 से अधिक इजरायली नागरिक मारे गए थे। इसके बाद, इजरायल ने गाजा पर जबरदस्त जवाबी कार्रवाई शुरू की, जो एक साल बाद भी जारी है। इजराइल का कहना है कि अ सका बदला पूरा नहीं हुआ यानि अभी पिक्चर बाकी है।

इजरायल का दावा: हमास लगभग खत्म लेकिन उद्देश्य अधूरा
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि हमास को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है और वह लगभग समाप्त हो चुका है। लेकिन, इजरायल अब भी अपने सारे उद्देश्यों को पूरी तरह से हासिल नहीं कर पाया है।हमास के लड़ाकों ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला करने के बाद कई इजरायली नागरिकों को अगवा कर लिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा में अभी भी लगभग 100 बंधक मौजूद हैं, जिनमें से सिर्फ 70 के ही जीवित होने की संभावना जताई जा रही है। बंधकों की वापसी को लेकर इजरायल पर काफी दबाव है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली है।

लेबनान और ईरान से बढ़ता तनाव
हमास के साथ संघर्ष के अलावा, इजरायल अब उत्तरी सीमा पर लेबनान के साथ भी युद्ध की स्थिति में है। हिजबुल्लाह के साथ बढ़ते संघर्ष से यह लड़ाई और व्यापक हो गई है। हिजबुल्लाह, जो ईरान समर्थित संगठन है, ने इजरायल के उत्तरी इलाकों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच, 2 अक्टूबर 2024 को ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था, जिसका निशाना इजरायल के सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठान थे।ईरानी मिसाइल हमले के बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे लेकर कड़ी चेतावनी दी थी और कहा था कि इजरायल इसका बदला जरूर लेगा। इसके बाद से ही इजरायल लगातार हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहा है। हाल ही में, इजरायल ने लेबनान में 250 मीटर लंबी एक सुरंग को नष्ट किया, जो हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर एक बड़े हमले की योजना के तहत बनाई गई थी।

युद्ध से इजरायली जनता  निराश
इस लंबे और थकाऊ युद्ध ने इजरायली जनता में भी निराशा भर दी है। युद्ध के कारण हजारों इजरायली अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं, और 60,000 से अधिक इजरायली अब अपने ही देश में आंतरिक शरणार्थी बन गए हैं। इसके अलावा, लगातार बढ़ते हिजबुल्लाह और ईरान के हमलों ने इजरायल की सुरक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इजरायली जनता का एक बड़ा वर्ग युद्ध से थक चुका है और शांति की उम्मीद कर रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय चिंता बढ़ी
इजरायल-हमास युद्ध एक साल बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों पक्षों में शांति वार्ता का कोई ठोस संकेत नहीं है, और अब इजरायल कई मोर्चों पर लड़ाई में उलझ चुका है, जिसमें लेबनान और ईरान भी शामिल हैं। इजरायल की सैन्य कार्रवाई और हमास की प्रतिरोधी ताकतों के बीच फंसे निर्दोष नागरिकों की दुर्दशा दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है।इस युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने हिंसा को समाप्त करने की अपील की है और हमास से इजरायली बंधकों को रिहा करने की मांग की है। महासचिव ने जोर देकर कहा कि यह संघर्ष केवल निर्दोष लोगों की जान ले रहा है और इसे जल्द से जल्द समाप्त करने की जरूरत है।

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