Breaking News in Hindi

गुना में डंपर से टकराकर आग का गोला बनी बस, 10 जिंदा जले, 16 गंभीर रूप से घायल

गुना से आरोन जा रही सिकरवार बस में बुधवार रात करीब 8.30 बजे डंपर ने टक्कर मार दी। इसके बाद बस में आग लग गई, जिसमें 10 सवारियों के जिंदा जलने की सूचना है। जबकि घायलों की संख्या 16 से अधिक बताई जा रही है।

बताया जाता है कि प्रतिदिन की तरह 32 सीटर सिकरवार बस बुधवार रात करीब आठ बजे गुना से आरोन के लिए रवाना हुई। अभी बस जिला मुख्यालय से करीब सात किमी दूर घूम घाटी पर पहुंची ही थी कि डंपर ने टक्कर मार दी। इसके बाद बस घाटी से टकराई और आग लग गई। इस हादसे में दस लोगों की जलने से मौत हो गई। इधर सूचना मिलते ही कलेक्टर तरुण राठी और एसपी विजय खत्री घटना स्थल पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया।

बिना फिटनेस व बीमा के दौड़ रही थी बस

यह बस बिना बीमा और फिटनेस के दौड़ रही थी। बस की फिटनेस अवधि 17 फरवरी 2022 को खत्म हो गई और बीमा अवधि 30 अप्रैल 2021 को समाप्त हुई है। परिवहन विभाग व जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते बस की नियमित जांच नहीं हुई है।

लपटों में घिरे यात्रियों को बचाने कोई पहुंच नहीं सका

बस में इतनी अधिक आग की लपटें निकल रहीं थीं कि कोई व्यक्ति बस के अंदर फंसे लोगों को निकालने जा भी नहीं सका। जैसे ही बस में लपटें उठना शुरू हुईं वैसे ही यात्रियों ने चीख-पुकार शुरू कर दी। बस जिस मार्ग पर चल रही थी वह सुनसान इलाका था। बस के घाटी से टकराने के बाद रुकने पर कई यात्री बाहर निकले व फोन करके पुलिस को सूचना दी। कई यात्रियों ने बस के दरवाजे, खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन का बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है।

बस के पिछले हिस्से में बैठे यात्री आग से घिर गए

बस में आग लगने के बाद आगे व बीच की सीटों पर बैठे ज्यादातर यात्री निकल आए थे। बस के पिछले हिस्से में बैठे लोग धूं-धूं कर झुलसने लगे थे। जब तक पुलिस व प्रशासन का राहत दल पहुंचा तब तक दस लोग बुरी तरह झुलस गए। बस से निकाले गए एक यात्री ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतकों व घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश, मृतकों के स्वजन को चार लाख व घायलों को 50-50 हजार दिए जाएंगे

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बस दुर्घटना के जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो यह सुनिश्चित किया जाए। दुर्घटना में मृतक के स्वजन को चार लाख और घायलों को पचास हजार रुपये आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए हैं।

इतनी विकराल आग कि फंसे लोगों को कोई बचाने भी नहीं जा सका

जिला मुख्यालय से सात किमी दूर हुई यह घटना इतनी दिल दहलाने वाली थी कि जो भी मौके पर पहुंचे उसके रौंगटे खड़े हो गए। आग से पूरी तरह जली बस में कई लोगों के जिंदा जलने से मांस के लोथड़े दिखाई दे रहे थे। बस में इतनी अधिक आग की लपटें निकल रहीं थीं कि कोई व्यक्ति बस के अंदर फंसे लोगों को निकालने जा भी नहीं सका। जैसे ही बस में लपटें उठना शुरू हुईं वैसे ही यात्रियों ने चीफ-पुकार शुरू कर दी।

बस जिस मार्ग पर वह सुनसान इलाका था। बस के रुकते हुए कई यात्री बाहर निकले व फोन करके पुलिस को सूचना दी। इस अफरा-तफरी में कई यात्रियों ने बस के दरवाजे, खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन का बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। बस में आग लगने के बाद ज्यादातर यात्री निकल आए थे।

बस के पिछले हिस्से में बैठे लोग धूं-धूं कर झुलसने लगे थे। जब तक पुलिस व प्रशासन का राहत दल पहुंचा तब तक छह लोगों के बुरी तरह झुलसने की सूचना है। बस से निकाले गए एक यात्री को जब अस्पताल पहुंचाया तो वहां उसने दम तोड़ दिया। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन