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जामनगर में प्री वेडिंग के दौरान हो गई थी प्लानिंग, रिलायंस के इस कैंपस में अब सजेगा meta का दरबार

फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा कथित तौर पर चेन्नई में रिलायंस इंडस्ट्रीज के कैंपस में भारत में अपना पहला डेटा सेंटर स्थापित करने जा रही है. इससे अमेरिकी कंपनी को फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे अपने प्रमुख ऐप पर लोकल लेवल पर यूजर्स द्वारा तैयार किए गए कंटेंट को प्रोसेसिंग करने में मदद मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मार्क जुकरबर्ग और मुकेश अंबानी की इस बारे में चर्चा मार्च की शुरुआत में जामनगर अनंत अंबानी की प्री-वेडिंग सेरेमनीज के दौरान हुई और डील को फाइनल कर लिया गया. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर यूजर्स और मेटा को किस तरह का फायदा हो सकता है.

10 एकड़ का है कैंपस

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार इस कैंपस के थ्रू मेटा अब देश भर में कई स्थानों पर चार से पांच नोड्स ऑपरेट कर पाएगा, जिससे दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक भारत में तेजी से डेटा प्रोसेसिंग की परमिशन मिलेगी. मौजूदा समय में भारतीय यूजर्स का डेटा सिंगापुर में मेटा के डेटा सेंटर में आता है. जानकार लोगों की मानें तो लोकल डेटा सेंटर के साथ, कंटेंट के अलावा, लोकल एड भी यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर करेंगे. साथ ही ग्लोबल डेटा सेंटर्स की कॉस्टिंग में कटौती होगी. चेन्नई के अंबत्तूर इंडस्ट्रियल एस्टेट में 10 एकड़ का कैंसस ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और डिजिटल रियल्टी के बीच एक थ्री—वे ज्वाइंट वेंचर है. यह 100-मेगावाट (मेगावाट) आईटी लोड कैपेसिटी तक को पूरा कर सकता है. अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

फेसबुक कहां-कहां बनाएगा डेटा सेंटर

विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि जैसे-जैसे सरकार लार्ज एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) मॉडल की स्क्रूटनी कर रही है. मेटा ऐसे ऑपरेशन को लोकल लेवल पर चलाने पर विचार कर रहा है. ओपन-सोर्स लार्ज लेंग्वेज मॉडल पर बेस्ड मेटा की लामा सीरीज भारतीय उद्यमों द्वारा सबसे अधिक यूज होने वाले फाउंडेशनल मॉडल में से एक है. इसका यूज एप्लिकेशन बनाने और प्रोपराइटरी डेटा पर ट्रेंड मॉडल को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है.

टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के पार्टनर नील शाह ने कहा कि मेटा का टारगेट चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली एनसीआर सहित प्रमुख क्षेत्रों में ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर बनाना है, जो फाइबर से लेकर बिजली तक इसकी मजबूत इंफ्रा की जरुरत को पूरा कर सके. भारत में जहां फेसबुक के 314.6 मिलियन यूजर्स हैं, वहीं इंस्टाग्राम के 350 मिलियन और व्हाट्सएप के 480 मिलियन यूजर्स हैं. भारत में यूजर्स की संख्या मार्क जुकरबर्ग के होम कंट्री अमेरिका से लगभग दोगुनी है.

भारत की ग्लोबली 3 फीसदी हिस्सेदारी

केयरएज रेटिंग्स ने एक रिसर्च में कहा कि भारत के डेटा सेंटर इंडस्ट्री की क्षमता अगले तीन वर्षों में दोगुनी होने की उम्मीद है. वर्तमान में, ग्लोबल डेटा का 20 फीसदी जेनरेट करने के बावजूद भारत की डेटा सेंटर कैपेसिटी में ग्लोबल हिस्सेदारी केवल 3 फीसदी है. हालांकि, मेटा और गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियों के भारत में डेटा स्टोरेज को स्थानीय बनाने पर विचार करने से इसमें बदलाव की संभावना है. पिछले हफ्ते मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि अल्फाबेट इंक का गूगल देश में अपना पहला कैप्टिव डेटा सेंटर बनाने के लिए नवी मुंबई में 22.5 एकड़ जमीन खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है.

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