Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

सावन मास की शिवरात्रि 15 जुलाई को इन उपायों से प्रसन्न होंगे भगवान भोलेनाथ

Sawan Shivratri 2023। हिंदू धर्म में देवों के देव महादेव की आराधना के लिए कई व्रत व धार्मिक त्योहार मनाए जाते हैं। इसमें सावन माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि पर्व का भी विशेष महत्व है। हर माह की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। पंडित दीपेश मलतारे के मुताबिक सावन मास की शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है क्योंकि सावन मास भगवान भोलेनाथ का सबसे पसंदीदा माह होता है। इस दिन लोग कांवड़ में जल भरकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं ताकि उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सके।

सावन शिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त

हिंदू पंचांग के मुताबिक, मासिक शिवरात्रि हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। सावन माह में पड़ने वाली पहली मासिक शिवरात्रि 15 जुलाई, शनिवार को है। सावन मास की चतुर्दशी तिथि 15 जुलाई को रात 08.32 मिनट पर शुरू हो जाएगा और इस तिथि का समापन 16 जुलाई को रात 10.08 मिनट पर होगा।

सावन शिवरात्रि पर बनेंगे दो शुभ योग

सावन शिवरात्रि पर इस बार दो शुभ योग निर्मित होने वाले हैं। पहला शुभ योग वृद्धि योग होगा, जिसकी शुरुआत 14 जुलाई को सुबह 08.28 मिनट पर होगी और इसका समापन 15 जुलाई को सुबह 08.22 मिनट पर होगा। इसके अलावा जो दूसरा शुभ योग है, उसकी शुरुआत 15 जुलाई को सुबह 08.22 मिनट पर शुरू होगा, जिसका नाम ध्रुव योग है। ध्रुव योग का समापन 16 जुलाई को सुबह 8.33 मिनट पर होगा। ये दोनों ही शुभ योग मृगशिरा नक्षत्र भी बनने जा रहे हैं।

सावन शिवरात्रि का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यता है कि सावन मास की शिवरात्रि का व्रत पूरे विधि-विधान के साथ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस व्रत को करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है और विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर हो जाती है।

सावन शिवरात्रि पर करें ये उपाय

– धन की प्राप्ति के लिए दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करें।

– संतान प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर घी अर्पित करने से बाद जलधारा अर्पित करें। इससे संतान संबंधित मनोकामना जल्द पूरी होती है।

– शिवलिंग पर 108 बेलपत्र अर्पित करने से काम में आ रही बाधाएं दूर हो जाती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.