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ग्राहक द्वारा जमा कराई पुरानी कार बिना ट्रांसफर कराए बेच दी थी, शोरूम संचालक पर केस दर्ज

भोपाल। शोरूम संचालक ने उपभोक्ता की पुरानी कार जमा कर उसकी राशि नई कार में समायोजित कर दी थी। अनुबंध के तहत पुरानी कार किसी अन्य को बेचने पर शोरूम संचालक को संबंधित खरीदार के नाम कार ट्रांसफर भी करानी थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इस तरह मात्र लिखा-पढ़ी करते हुए कार छह बार बिक भी गई। उधर छठवें खरीदार के हाथ से कार ने दुर्घटना कर दी। रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पुलिस ने कार के सबसे पहले वाले खरीदार को थाने तलब कर लिया। इस पर वह हक्का-बक्का रह गया। उसने घटना की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की। मामले की जांच के बाद पुलिस ने शोरूम संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।

यह है मामला

अशोका गार्डन थाना पुलिस के मुताबिक सुहागपुर जिला नर्मदापुरम निवासी कल्लू अग्रवाल ने मार्च 2015 में नई कार खरीदने से पहले अपनी पुरानी कार अशोका गार्डन रायसेन रोड स्थित जीवन मोटर्स के मालिक पवन दीप को 97 हजार रुपये में बेची थी। पुरानी कार के बदले मिले 97 हजार रुपए नई कार की रकम में जोड़ लिए गए थे। इस दौरान कार मालिक कल्लू अग्रवाल और पवन दीप के बीच कार के क्रय-विक्रय का अनुबंध हुआ था। उसमें तय हुआ था कि उक्त कार को बेचने से पहले वह आरटीओ से कार को ट्रांसफर कराएंगे, लेकिन पवन दीप ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कल्लू अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड कार को बिना आरटीओ ट्रांसफर के एक व्यक्ति को बेच दी। इसके बाद उक्त कार को अन्य लोगों ने खरीदा और इस्तेमाल किया।

दुर्घटना के बाद हुआ खुलासा

आखिर में कार को छठवें व्यक्ति ने खरीदा और उससे दुर्घटना कर दी। संबंधित थाना पुलिस ने कार मालिक कल्लू अग्रवाल से संपर्क किया था। तब उन्हें पता चला कि कार को बिना आरटीओ में ट्रांसफर के बेच दिया गया था। इसके बाद उन्होंने डीसीपी जोन-वन को एक लिखित आवेदन दिया था। डीसीपी के आदेश के बाद अशोका गार्डन पुलिस ने मंगलवार को जीवन मोटर्स के संचालक पवन दीप के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

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