Breaking News in Hindi

जीतू पटवारी ने ‘मोदी की गारंटी’ पर उठाए सवाल, किसानों को लेकर गांव-गांव में आंदोलन की दी चेतावनी

भोपाल। दिल्ली में चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को प्रदेश की मोहन सरकार पर हमला बोला और भाजपा के संकल्प पत्र की याद दिलाते हुए ‘मोदी की गारंटी’ पर सवाल उठाते हुए तंज कसा। जीतू पटवारी ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि मध्य प्रदेश भाजपा ने जो ‘मोदी की गारंटी’ दी थी] वो सत्ता में आते ही गायब हो गई। कांग्रेस पार्टी सरकार को आगाह कर रही है कि यदि किसानों को लेकर सुनवाई जल्दी नहीं की गई तो गांव-गांव आंदोलन के दृश्य देखने को मिलेंगे।

वीडियो में जीतू यह कहते नजर आए कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछली बार कहा था कि पार्टी का संकल्प पत्र गीता और रामायण की तरह वचन पत्र है, जिसका एक-एक शब्द हमारे लिए गीता और रामायण का एक-एक वाक्य है। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक मोदी की एक गारंटी पर काम चालू नहीं हुआ। मैं सरकार को आगाह करना चाहता हूं कि इस बार अगर गेहूं खरीद के दाम अगर 2700 रुपये क्विंटल नहीं किए तो दिल्ली के (किसान) आंदोलन से डरकर आप 80 नेताओं को आप गिरफ्तार जरूर कर सकते हैं, लेकिन पूरी कांग्रेस का दायित्व है कि हम सड़क पर हैं। 2700 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम दो, वरना आंदोलन जिले में नहीं, ब्लाक में नहीं, गांव-गांव में होंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले...