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मंदिर में शख्स ने मचाई तोड़फोड़, फिर भगवान ने खुद दिया उसे दंड! लोग बोले- इसे ही कहते हैं Instant karma

नशे में धुत्त एक व्यक्ति ने बौद्ध मंदिर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ मचाई. इस दौरान जितने भी बौद्ध भिक्षुओं ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, शख्स ने उन्हें भी जख्मी कर दिया. लेकिन मंदिर में अगले ही पल जो कुछ भी हुआ, उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. उत्पात मचाने वाला शख्स अचानक फर्श पर धड़ाम से गिरा और वहीं दम तोड़ दिया. घटना थाईलैंड के चोनबुरी प्रांत के बनबुंग जिले की है. सोशल मीडिया पर अब यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग इसे ‘कर्मों का फल’ बता रहे हैं.

49 वर्षीय यह थाई व्यक्ति जब मंदिर के मुख्य हॉल में तोड़फोड़ मचा रहा था, तभी भगवान बुद्ध की मूर्ति का एक नुकीला हिस्सा उसके सिर और छाती को चीरते हुए आर-पार हो गया, जिससे उसकी वहीं पर मौत हो गई. घटना 27 फरवरी की है, लेकिन उपद्रव के दौरान हुई इस विचित्र मौत ने अब सोशल मीडिया पर ‘तत्काल करमा’ के बारे में चर्चा शुरू कर दी है.

द थाईगर की रिपोर्ट के अनुसार, सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन इस चिंता के कारण कि उसके पास हथियार भी हो सकते हैं उन्हें मजबूरन मंदिर के बाहर ही रहना पड़ा. लेकिन जल्द ही एक बेचैन कर देने वाली खामोशी ने उन्हें मंदिर के अंदर जाने के लिए मजबूर कर दिया.

पुलिस जब मंदिर के भीतर गई, तो खून से लथपथ व्यक्ति की लाश देखकर हैरान रह गई. उसकी छाती में बुद्ध की मूर्ति की वजह से गहरा छेद हो गया था. जांच में पता चला कि वह सबसे ऊंची बुद्ध प्रतिमा पर चढ़कर उसे तोड़ने की कोशिश कर रहा था, तभी मूर्ति का नुकीला हिस्सा उसकी छाती को चीरते हुए आरपार हो गया.

भगवान बुद्ध के प्रति घोर अनादर और फिर शख्स के भयानक अंत ने सोशल मीडिया पर लोगों को यह सोचने के लिए प्रेरित कर दिया कि तत्काल करमा किसे कहते हैं. एक यूजर ने लिखा है, जब अति हो गई तो भगवान ने स्वयं उसे दंड दे दिया. वहीं, दूसरे का कहना है, यह निश्चित रूप से कर्मों का फल है. एक अन्य यूजर ने लिखा हैं, याद रखें आपको अपने कर्मों का फल इसी जन्म में भोगना है.

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