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हमलावर को पाताल से भी खोज निकालेंगे, एमवी केम प्लूटो जहाज पर ड्रोन अटैक को लेकर बोले राजनाथ सिंह

मुंबई। देश का नया जंगी जहाज आईएनएस इम्फाल आज (मंगलवार) भारतीय नौसेना में शामिल हुआ। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मणिपुर के मुख्यमंत्री आर बिरेन सिंह मौजूद थे। मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में कमीशनिंग का कार्यक्रम हुआ। Imphal पहला युद्धपोत है। इसे पश्चिमी नौसेना कमान को दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि INS Imphal स्वदेश में निर्मित युद्धपोत है। यह भारत की नौसेना की ताकत को बढ़ाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना में आईएनएस इम्फाल का शामिल होने रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। इसके निर्माण में सभी हितधारकों की कड़ी मेहनत और समर्पण शामिल है। उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि आईएनएस इम्फाल से भारतीय नौसेना मजबूत होगी।’

राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्र में उथल-पुथल बढ़ गई है। देश की बढ़ती आर्थिक और सामरिक शक्ति ने कुछ ताकतों में नफरत भर दी है। उन्होंने कहा कि एमवी केम प्लूटो जहाज पर ड्रोन हमला और लाल सागर में एमवी साई बाबा पर हमला बेहद गंभीर है। भारतीय नौसेना ने समुद्र की निगरानी बढ़ा दी है। जिसने भी यह हमला किया है उसे पाताल से भी खोज निकालेंगे। रक्षामंत्री ने कहा, ‘जिसके पीछे इसका हाथ है उसे सागर की गहराई से निकाल लाएंगे। उन्हें सबक सिखाएंगे।’

क्या है मामला?

23 दिसंबर को पोरबंदर से करीब 217 समुद्री मील की दूरी पर भारतीय चालक दल के 21 सदस्यों वाले कमर्शियल शिप पर ड्रोन हमला हुआ। जिसके बाद नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने कई पोत तैनात किए गए। मुंबई के रास्ते में आईसीजीएस विक्रम ने सुरक्षा की।

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