Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने मैदान छोड़ा, अक्षय कांति बम ने वापस लिया नामांकन

इंदौर। इंदौर में सूरत जैसा बड़ा खेल हो गया है। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, ऐसे में इंदौर में भाजपा के सामने कांग्रेस की चुनौती खत्म हो चुकी है।

बताया गया कि कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक मेंदोला के साथ भाजपा कार्यालय के लिए रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार यहां बम भाजपा की सदस्‍यता लेंगे।

क्या बोले अक्षय कांति?

नामांकन वापस लिए जाने को लेकर अक्षय कांति बम का कहना है कि नामांकन जमा करने के बाद से ही कांग्रेस की ओर से उन्हें कोई सपोर्ट नहीं कर रहा था। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह भी प्रयास लगाए जा रहे हैं कि फॉर्म भरने के बाद से ही कांग्रेस अक्षय क्रांति पर विरोधी पार्टी दबाव बना रही थी।

मोती सिंह का भी नामांकन हो चुका निरस्‍त

बता दे कि कांग्रेस के डमी उम्मीद मोती सिंह का पहले ही नामांकन निरस्त हो चुका है, कांग्रेस को पहले ही अंदेशा था, इसलिए मोती सिंह का नामांकन डमी के रूप में जमा कराया था। लेकिन अक्षय बम के नामांकन स्वीकृत होने से मोती सिंह का नामांकन निरस्त हो गया। कांग्रेस को फॉर्म निरस्त का अंदेशा था, लेकिन बम नामांकन वापस ले लेंगे यह नहीं पता था। सूत्रों का कहना है कि एक पुराने मामले में कोर्ट द्वारा धारा बढ़ाने के निर्णय के बाद से बम दबाव में थे, वहीं चुनाव बाद शिक्षण संस्थाओं पर कार्रवाई का दबाव भी था।

सूरत जैसा खेला

गौरतलब कि इससे पहले गुजरात के सूरत में भी यही घटनाक्रम हुआ था। उस समय कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, इसके साथ ही अन्य दलों की उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी अपना पर्चा वापस ले चुके थे। जिसके बाद सूरत में भाजपा ने निर्विरोध चुनाव जीत लिया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.