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बैतूल में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष के गोली मारकर आत्महत्या का मामला, 10 लोगों पर FIR

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के बगडोना में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष रविन्द्र देशमुख ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस हाई प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद सारणी सहित बैतूल जिले में सनसनी फैल गई। रविंद्र ने आत्महत्या के पहले 6 पेज के लिखे सुसाइड नोट में क्षेत्र के आमला विधायक प्रतिनिधि, भाजपा नेताओं, ठेकेदार,व्यापारी और पत्रकारों सहित दस लोगों को बेनकाब कर दिया। रविंद्र ने अपने सुसाइड नोट में रुपयों के लेनदेन को लेकर कुछ लोगों द्वारा संगठित रूप से उसे प्रताड़ित कर बदनाम करने का जिक्र किया गया है। आरोपीयों ने रविंद्र से लगभग एक करोड़ से अधिक की राशि अभी तक दबाव बना कर ले चुके थे और लगातार रविंद्र पर पैसे देने के लिए दबाव बना रहे थे। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। बता दें की 7 अक्टूबर को सुबह सारणी थाना क्षेत्र के बगडोना इलाके में रहने वाले भाजपा के सारणी मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र देशमुख की अपने ही बेडरूम में खून से सनी लाश रविंद्र के बेटे को मिली थी।

घटना के दौरान परिवार के लोग पूजा करने गए थे ,वहीं बेटा स्कूल गया हुआ था जो कुछ सामान लेने घर लौट कर आया तो घर के बेडरूम में पिता की खून से लथपथ लाश मिली थी। घटना की जानकारी लगते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची और फॉरेंसिक टीम और डॉक्टरों को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की बारीकी से जांच शुरू की गई। रविंद्र के पास से ही पुलिस को 6 पेजों का सुसाइड नोट भी मिला था। पुलिस की प्राथमिक जांच में रविंद्र ने पिस्तौल से खुद के सर में गोली मारकर आत्महत्या करना पाया था। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने सारणी के नामचीन भाजपा नेताओं सहित क्षेत्र के कुछ ठेकेदार,व्यापारी और पत्रकारों पर नामजद मामला दर्ज किया है। इस मामले में रविन्द्र के परिजनों का आरोप है की रविंद्र को विधायक प्रतिनिधि भाजपा नेता रणजीत सिंह लंबे समय से लोगों से परेशान करवा रहे थे। उनके खिलाफ कुछ खबरें भी छपवाई गई थी और रविंद्र पर पैसों के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। रविंद्र ने इन लोगों को किस्तों में एक करोड़ से अधिक की राशि देने की बात भी सुसाइड नोट में लिखी होना परिजनों ने बताया है। इस मामले में परिजनों की मांग है कि आरोपियों द्वारा रविन्द्र से दबाव बनाकर लिए गए रुपए उन्हें वापस दिलवाए जाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्हें जमानत नहीं दी जाए।

वहीं इस मामले में आरोपी बनाए गए भाजपा नेता रणजीत सिंह ने सुसाइड नोट को लेकर सवाल खड़े किए हैं सुसाइड नोट की जांच करने और रविंद्र द्वारा आत्महत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल की जांच करने की मांग भी की है। आरोपी रणजीत सिंह इस पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बता रहे हैं। बैतूल के पुलिस अधीक्षक की माने तो रविंद्र की आत्महत्या के बाद में पुलिस ने हर पहलुओं की बारीकी से जांच की है और रविंद्र के पास से बरामद सुसाइड नोट के आधार पर 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस इस मामले में लगातार जांच कर रही है वही दोषियों पर उचित कार्रवाई की बात भी पुलिस कर रही है। रविंद्र की आत्महत्या से उसका परिवार पूरी तरह बिखर चुका है और आर्थिक रूप से भी टूट चुका है।

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