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आतंकवाद को दफना दिया गया है अब उसे लौटने नहीं दिया जाएगा, अमित शाह का दावा

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के अगले सप्ताह होने वाले तीसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर हमले तेज किए और कहा कि ये तीनों वंशवादी पार्टियां आतंकवाद के लिए जिम्मेदार हैं, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने खत्म कर दिया है और इसे दोबारा लौटने नहीं दिया जाएगा। शाह ने भाजपा की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने का वादा किया और आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आने पर पाकिस्तान का एजेंडा लागू करेगा।

शाह ने भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में चेनानी और उधमपुर विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की नजर जम्मू-कश्मीर चुनाव पर है, जो संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद पहली बार हो रहा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारतीय जनसंघ (वर्तमान भाजपा) के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को अगस्त 2019 में पूरा किया जब उसने उनके नारे -‘‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” के अनुरूप अनुच्छेद 370 को हटाया।

खराब मौसम के कारण गृह मंत्री का हेलीकॉप्टर चेनानी में उतर नहीं पाया जिसके कारण वह अपनी पहली रैली के लिए निर्धारित समय से कुछ घंटे देरी से पहुंचे। उन्होंने उधमपुर के लिए उड़ान भरी और सड़क मार्ग से चेनानी पहुंचे। अपने भाषण के दौरान देरी से आने का जिक्र करते हुए शाह ने पहाड़ी क्षेत्रों में ‘‘दिल्ली और गुजरात जैसी सड़कों” के लिए मोदी सरकार की सराहना की। भाजपा नेता सड़क मार्ग से उधमपुर लौटे और दूसरी निर्धारित रैली को संबोधित किया। इसके अलावा बाद में उनका कठुआ जिले के बानी और जसरोटा निर्वाचन क्षेत्रों और जम्मू जिले के मार्च निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी रैलियों में भाग लेने का भी कार्यक्रम था। गृह मंत्री ने कहा कि जो भी जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाएगा, उसे फांसी पर लटकाया जाएगा।

शाह ने कहा, ‘‘मैं आपसे पूछता हूं कि (संसद पर हमले के दोषी) अफजल गुरु को फांसी दी जानी चाहिए थी या नहीं? नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस अब कह रहे हैं कि उसे फांसी नहीं दी जानी चाहिए थी…..।” उन्होंने उधमपुर जिले के चेनानी में एक रैली में कहा, ‘‘वे पत्थरबाजों और आतंकवादियों को रिहा करना चाहते हैं। उमर अब्दुल्ला ने यह सपना देखना छोड़ दिया है क्योंकि आप ऐसा नहीं कर सकते। यह अदालतों का काम है और हमने ऐसे कानून लागू किए हैं कि अब कोई भी पत्थर फेंकने की हिम्मत नहीं करेगा।” शाह ने कहा, ‘‘यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि जम्मू-कश्मीर करीब 40 साल तक आतंकवाद की छाया में रहा है। अगर वे (नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन) यह चुनाव जीतते हैं तो इसका मतलब है कि पाकिस्तान का एजेंडा सफल हो गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि तीन ‘‘वंशवादी” दलों ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद में धकेल दिया जिसके परिणामस्वरूप 35 वर्ष में 40,000 लोग मारे गए और 3,003 दिनों तक कर्फ्यू लगा।

शाह ने दावा किया कि लेकिन मोदी सरकार के सत्ता में आने और अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद, कोई पथराव, गोलीबारी या बम विस्फोट नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस आतंकवाद को पुनर्जीवित करना चाहते हैं। आप चाहे जो चाहें, हम आतंकवाद को ‘पाताल’ में दफना देंगे। केंद्र में मोदी सरकार के रहते जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की शक्ति किसी में नहीं है।” कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस बयान का जिक्र करते हुए कि विपक्षी गुट ‘इंडिया’ चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर भाजपा पर दबाव बनाएगा शाह ने कहा, ‘‘उमर और राहुल राज्य के दर्जे की बात कर रहे हैं। जब मैंने अनुच्छेद 370 को हटाया था तो चुनाव के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा वापस करने का वादा किया था।”

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ने श्रीनगर और जम्मू में अपनी रैलियों में भी ये वादा किया है। राज्य का दर्जा केवल संसद में ही बहाल किया जा सकता है और मोदी का वहां राज है।” गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा और यह काम मोदी सरकार करेगी। शाह ने राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि तीनों परिवारों ने 75 साल तक जम्मू-कश्मीर पर शासन किया लेकिन वे क्षेत्र में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में विफल रहे।

उधमपुर में रैली में शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 न केवल कश्मीर बल्कि जम्मू क्षेत्र में भी आतंकवाद का सबसे बड़ा कारण रहा। उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनाव को पूरी दुनिया देख रही है, क्योंकि यह एक संविधान और हमारे प्रिय ध्वज के तले हो रहा है। एक तरफ भाजपा है जिसने आतंकवाद को ‘पाताल’ में दफना दिया है और दूसरी तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी हैं जो अनुच्छेद 370 को बहाल करना चाहते हैं और आतंकवाद को पुनर्जीवित करना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि मोदी ने 70 वर्षों से भेदभाव झेल रहे जम्मू क्षेत्र को न्याय दिलाया और डोगरी भाषा को आधिकारिक भाषाओं की सूची में शामिल कराया।

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